सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल को भूपेश बघेल का समर्थन, दुर्ग में आंदोलन हुआ तेज
FIR-बर्खास्तगी की कार्रवाई के बीच कर्मचारी बोले—करेंगे सामूहिक इस्तीफा सहकारी समिति कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल अब उग्र रूप ले चुकी है।
दुर्ग/ एक तरफ सरकार की ओर से कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने और बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर हड़ताल पर डटे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर तुरंत निर्णय नहीं हुआ, तो वे सामूहिक इस्तीफा सौंप देंगे।आंदोलन को आज बड़ा राजनीतिक सहारा तब मिला जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं दुर्ग के मानस भवन स्थित धरना स्थल पहुँचे।
उन्होंने कर्मचारियों की सभी मांगों को जायज़ ठहराते हुए कहा कि सरकार का दमनात्मक रवैया आंदोलन को और तेज करेगा।धरना स्थल पर उसके बाद माहौल और गरमा गया जब डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया, गुंडरदेही विधायक कुंवर लाल निषाद और बालोद विधायक संगीता सिन्हा भी समर्थन देने पहुँचीं।
सभी विधायकों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें वर्षों से लंबित हैं और सरकार को संवाद कर समाधान निकालना चाहिए।उधर, हड़ताल के कारण धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमराने लगी है, जिसके चलते सरकार ने पूरे प्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है। बावजूद इसके कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।दुर्ग संभाग की सभी समितियों के पदाधिकारी व कर्मचारी आज बड़ी संख्या में मानस भवन पहुँचे और संकल्प दोहराया कि यह लड़ाई सम्मान व अधिकारों की लड़ाई है।
उन्होंने साफ कहा—“FIR हो, बर्खास्तगी हो या एस्मा… आंदोलन नहीं रुकेगा।”
