उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में 2 दिन शीतलहर: अंबिकापुर में 10 साल की सबसे कड़ाके की ठंड, 13 जिलों में यलो अलर्ट
छत्तीसगढ़ में ठंड ने इस बार नवंबर में ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ अगले दो दिनों तक शीतलहर की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने कोरिया, राजनांदगांव, GPM, बिलासपुर, दुर्ग सहित 13 जिलों में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है।
अंबिकापुर में 6.5°C—10 साल की सबसे ठंडी नवंबर रात अंबिकापुर में तापमान 6.5°C दर्ज किया गया जो पिछले 10 वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है।दुर्ग मैदानी क्षेत्रों में सबसे ठंडा रहा, जहां रात का तापमान 10.2°C तक गिर गया—सामान्य से करीब 7 डिग्री कम। रायपुर में भी नवंबर में नौ साल में दूसरी बार रात का पारा 13°C तक गिरा।
उत्तर भारत की हवाओं से बढ़ी ठंड उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से बलौदाबाजार, पेंड्रा, अंबिकापुर में लोग सुबह-शाम अलाव का सहारा ले रहे हैं। कई जगहों पर पर्याप्त अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।प्रदेश में तापमान सबसे अधिक अधिकतम: 29.8°C (दुर्ग)सबसे कम न्यूनतम: 6.5°C (अंबिकापुर)नवंबर के रिकॉर्डसबसे अधिक तापमान: 35.6°C (2 नवंबर 1935)सबसे ठंडी रात: 8.3°C (22 नवंबर 1883)सबसे अधिक बारिश: 138.2 मिमी (1924)एक दिन में सबसे अधिक वर्षा: 70.4 मिमी (2 नवंबर 1930)मौसम बदलने से मलेरिया फैलने का खतरा बढ़ा सुकमा और दंतेवाड़ा सहित कई जिलों में मलेरिया संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई गई है।
दिन और रात के मौजूदा तापमान मलेरिया वाहक मच्छरों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
खतरा खासकर इन दो प्रकार का—Plasmodium Falciparum (गंभीर)Plasmodium Vivax (बार-बार लौटने वाला)स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 8 दिनों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहेगा, खासकर ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में।डॉक्टरों की चेतावनी और सलाहतापमान गिरने से बीमारियां बढ़ने का जोखिम ज्यादा है। मच्छरों की संख्या भी तेजी से बढ़ती है।बचाव के उपाय—
✔ मच्छरों से बचावघर में ITN या LLIN मच्छरदानी का उपयोगशाम बाद कॉइल/लिक्विड का प्रयोगदरवाजों-खिड़कियों पर जाली लगाएंघर-आसपास पानी जमा न होने दें
✔ शरीर को ढककर रखेंफुल स्लीव कपड़े, बच्चों को गर्म हल्के कपड़े दें
✔ समय पर जांचबुखार, ठंड लगना, सिरदर्द हो तो तुरंत ब्लड टेस्टसर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने के घरेलू उपाय
✔ गर्म पानी की भापनाक बंद होने में राहत, कफ ढीला होता है।
✔ नमक-पानी के गरारेतुलसी की पत्तियां मिलाने से और असरदार।
✔ विटामिन C रिच फूडसंतरा, नींबू, आंवला—इम्यूनिटी मजबूत करते हैं।
✔ अदरक-तुलसी की चायकफ, खांसी, सर्दी और गले की खराश में फायदेमंद।
