इलाज में घोर लापरवाही और शव से अमानवीय व्यवहार
धमधा के श्रेया अस्पताल का लाइसेंस निरस्त, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
धमधा। मरीजों की जान से खिलवाड़ और मानवता को शर्मसार करने वाले गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए धमधा स्थित श्रेया अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। महिला मरीज के इलाज में घोर लापरवाही और मृत्यु के बाद शव से दुर्व्यवहार के आरोप जांच में सही पाए गए, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रेया अस्पताल में भर्ती एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला की मौत की जानकारी परिजनों को समय पर नहीं दी और बिना उनकी सहमति के शव को शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भेज दिया। इतना ही नहीं, शव को अस्पताल परिसर में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। इस गंभीर प्रकरण का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। एसडीएम धमधा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई, जिसमें मामले की गहन जांच की गई।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सामने आया कि श्रेया अस्पताल के युक्ति डॉक्टर डॉ. अभिषेक पांडे और अस्पताल प्रबंधक मनीष राजपूत ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती तथा मृत महिला के शव के साथ अमानवीय व्यवहार किया। समिति ने दोनों को दोषी मानते हुए वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा की।जांच निष्कर्षों के आधार पर नर्सिंग होम एक्ट के तहत श्रेया अस्पताल का लाइसेंस क्रमांक DURG0473/HOS निरस्त कर दिया गया है।
साथ ही अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद करने और लाइसेंस की मूल प्रति सीएमएचओ कार्यालय में जमा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मरीजों के साथ लापरवाही और अमानवीय व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य में भी बिना किसी दबाव के कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई निजी अस्पतालों के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है कि नियमों की अनदेखी और मानवता के विरुद्ध कृत्य करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
