हड़ताल के दौरान मृत रसोईया के परिजनों को 50 लाख मुआवजा दे सरकार – धरमदास बंजारे
रायपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष धरमदास बंजारे एवं संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से स्कूल रसोईया आंदोलन के दौरान हुई मौतों पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक रसोईया के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा एवं एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की है।धरमदास बंजारे ने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली रसोईया हड़ताल पर हैं। इनका वेतन बेहद शर्मनाक स्थिति में है।
दिनभर कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें मात्र 66 रुपये प्रतिदिन, यानी महीने में लगभग 2200 रुपये ही मिलते हैं, वह भी नियमित नहीं। ऐसी स्थिति में रसोईया के पास अपने जायज हक के लिए आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।उन्होंने कहा कि वर्षों से रसोईया का शोषण हो रहा है। लंबे समय से धरना-प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन पूरी तरह मौन है, मानो उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही हो। हड़ताल के दौरान दो बहनों की मौत अत्यंत दुखद और चिंताजनक है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन को लेनी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि रसोईया संघ के आंदोलन को प्रदेश के सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने मांग की कि रसोईया को कम से कम कलेक्टर दर पर वेतन दिया जाए तथा सभी रसोईया का शासकीयकरण किया जाए।धरमदास बंजारे ने स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ प्रदेश विद्यालयीन शिक्षक संघ रसोईया के आंदोलन को पूरा-पूरा समर्थन देगा और उनकी लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाया जाएगा।
