एन.डी.पी.एस. एक्ट मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, विवेचना मजबूत करने दुर्ग पुलिस का बड़ा कदम

दुर्ग | 07 फरवरी 2026नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक सख्त व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दुर्ग पुलिस द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट विवेचना संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण पुरानी पुलिस लाइन, दुर्ग स्थित दधीचि प्रशिक्षण हाल में आयोजित हुआ, जिसमें जिले भर से लगभग 75 पुलिस अधिकारी एवं विवेचक शामिल हुए।कार्यक्रम का उद्देश्य एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में विधिसम्मत, सुदृढ़ और न्यायालयीन कसौटी पर खरी उतरने वाली विवेचना सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण सत्र में पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य (भापुसे) ने केस-स्टडी के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि छोटी-सी चूक भी मामलों को कमजोर कर सकती है, इसलिए प्रत्येक प्रक्रिया कानून के अनुसार होनी चाहिए।वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल (भापुसे) ने नशीली टेबलेट व कैप्सूल से जुड़े मामलों में कार्रवाई के दौरान सावधानियों और विवेचना को मजबूत बनाने के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।डिप्टी डायरेक्टर (प्रॉसिक्यूशन) श्री भीम सिंह राजपूत ने धारा 50, 55, 57 एवं 29 एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों, जप्ती, सैंपलिंग, एफ.एस.एल. परीक्षण एवं चेन ऑफ कस्टडी के महत्व को विस्तार से समझाया।
प्रशिक्षण में विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.) श्रीमती सुनीता टोप्पो एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री रवि कश्यप ने न्यायालयीन अपेक्षाओं के अनुरूप साक्ष्य संकलन, दस्तावेजी शुद्धता और विवेचना की बारीकियों पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।एफ.एस.एल. भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी श्री पंकज ताम्रकार ने सैंपलिंग प्रक्रिया, त्रुटिरहित दस्तावेज तैयार करने और ओवरराइटिंग से बचने पर विशेष जोर दिया।अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री मणिशंकर चन्द्रा ने विवेचना से लेकर जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा एवं एफ.एस.एल. भेजने तक की संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
दुर्ग पुलिस ने सभी विवेचकों से अपील की कि एन.डी.पी.एस. एक्ट के मामलों में विधिक प्रावधानों का सख्ती से पालन करते हुए निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना करें, ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके और समाज को नशामुक्त बनाया जा सके।
