प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली से भरा ट्रक जला, मत्स्य विभाग की घोर लापरवाही उजागर

प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली से भरा ट्रक जला, मत्स्य विभाग की घोर लापरवाही उजागर कई जिलों से गुजर गया अवैध परिवहन, अब कार्रवाई की औपचारिकता में जुटा विभाग

कोरिया।कोरिया जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर उड़ीसा से मध्यप्रदेश जा रहे एक ट्रक में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटना ने मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। आग बुझाने के बाद जब ट्रक की जांच की गई, तो उसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली पाई गई, जिसका परिवहन देशभर में पूरी तरह गैरकानूनी है।

सबसे गंभीर सवाल यह है कि यह ट्रक उड़ीसा से चलकर छत्तीसगढ़ के जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर जैसे जिलों से होते हुए कोरिया तक पहुंच गया, लेकिन कहीं भी मत्स्य विभाग की ओर से जांच या रोक-टोक नहीं हुई। यह स्थिति तब है जब थाई मांगुर मछली के अवैध परिवहन और पालन को लेकर विभाग को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश हैं।स्थानीय जानकारों का कहना है कि मत्स्य विभाग को अंतर-राज्यीय सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर नियमित निगरानी रखनी होती है, लेकिन इस मामले में विभाग की घोर लापरवाही के कारण अवैध तस्करी बेरोकटोक चलती रही।

यदि ट्रक में आग नहीं लगती, तो यह प्रतिबंधित मछली आसानी से मध्यप्रदेश तक पहुंच जाती और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती।हैरानी की बात यह है कि घटना सामने आने के बाद अब मत्स्य विभाग कार्रवाई की तैयारी की बात कर रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब अवैध परिवहन को पहले ही नहीं रोका गया, तो अब की जा रही कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी। क्या यह केवल हादसे के बाद की गई औपचारिकता है?

आग की घटना में ट्रक और उसमें भरी मछलियां जलकर नष्ट हो गईं, जिससे सबूत भी काफी हद तक खत्म हो गए। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने से बचने की कोशिश की जा सकती है।स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इस प्रकरण में केवल ट्रक चालक या मालिक ही नहीं, बल्कि मत्स्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन जिलों में विभाग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह विफल रही।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं मत्स्य विभाग अपनी साख बचाने के लिए कार्रवाई का दावा कर रहा है। लेकिन यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि यदि विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाता, तो यह अवैध तस्करी समय रहते पकड़ी जा सकती थी।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?