नाबालिग से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपियों का समर्पण, अब तक 7 गिरफ्तार
दुर्ग। नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में दुर्ग पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के सतत दबाव और दबिश के चलते फरार आरोपियों ने न्यायालय में समर्पण कर दिया है।पुलिस के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को पीड़िता ने अपनी माता के साथ महिला थाना दुर्ग में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। शिकायत में बताया गया कि अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 के बीच, पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद विभिन्न आरोपियों द्वारा उसके साथ दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं की गईं।
प्रकरण में महिला थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 10/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, धारा 376(2)(n), 376(DA) भादंवि, POCSO Act तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।जांच के दौरान पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। इसके बाद पुलिस की लगातार दबिश के कारण फरार आरोपी संजय पंडित और बी.एन. पांडेय ने 13 फरवरी को न्यायालय में समर्पण कर दिया। दोनों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
विवेचना में यह भी सामने आया कि आरोपी अमित वर्मा ने अपने पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराकर होटल में कक्ष बुक कराया, जिससे मुख्य आरोपी को अपराध करने में सहयोग मिला। इस आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।पुलिस ने बताया कि मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटनाएं जिला दुर्ग के विभिन्न स्थानों पर घटित होना सामने आया है और मामले की जांच जारी है।इस कार्रवाई में महिला थाना दुर्ग की विवेचना टीम और एसीसीयू दुर्ग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और वैधानिक प्रक्रिया के तहत साक्ष्य जुटाए हैं।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे गंभीर अपराधों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जाती है और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
