अंगना म शिक्षा कार्यक्रम में मातृ शक्ति का सम्मान, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बढ़ाया उत्साह
दुर्ग। जिला शिक्षा विभाग दुर्ग के तत्वावधान में आयोजित “अंगना म शिक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए, जिन्होंने मातृ शक्ति को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।कार्यक्रम के दौरान उन माताओं का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया, जो अपने घर के आंगन से ही बच्चों को संस्कार, अनुशासन एवं सही-गलत की समझ देकर उनके बौद्धिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं को संबोधित करते हुए मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि “माँ ही बच्चे की प्रथम गुरु होती है, और उनके दिए गए संस्कार ही एक सशक्त एवं जागरूक समाज की नींव रखते हैं।”उन्होंने कहा कि “अंगना म शिक्षा” जैसे कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ माताओं की भूमिका को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है। चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में मातृ शक्तियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई और उन्हें बच्चों की शिक्षा में निरंतर सहयोग देने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षा और संस्कार से बनेगा सशक्त समाजमंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यदि परिवार और विद्यालय मिलकर बच्चों के विकास में योगदान दें, तो आने वाली पीढ़ी अधिक आत्मनिर्भर, संस्कारित और मजबूत बनेगी। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे बच्चों को नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित करें, डिजिटल युग में सही मार्गदर्शन दें और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करें।उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है, ताकि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। “अंगना म शिक्षा” कार्यक्रम को उन्होंने समाज और शासन के बीच मजबूत सेतु बताया।
गरिमामय उपस्थितिइस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, जिला उपाध्यक्ष दिलीप साहू, पार्षद लीलाधर पाल, श्रीमती सविता चंद्राकर, जिला भाजपा महिला अध्यक्ष तृप्ति चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन मातृ शक्ति के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।
