स्वच्छ दुर्ग की ओर बड़ा कदम: खटालों से गोबर प्रबंधन पर निगम का सख्त निर्णय
दुर्ग/ 24 फरवरी। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए खटालों से गोबर प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। महापौर अलका बाघमार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों और नालियों में गंदगी अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नई व्यवस्था 1 मार्च 2026 से लागू होगी।खटाल संचालकों की बैठक में दिए सख्त निर्देश महापौर अलका बाघमार ने स्वास्थ्य विभाग प्रभारी निलेश अग्रवाल, पार्षद गुलाब वर्मा और स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता की मौजूदगी में शहर के सभी खटाल संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक ली।
बैठक में खटाल क्षेत्रों में फैल रही गंदगी और उससे नागरिकों को हो रही परेशानियों पर गंभीर चर्चा की गई।गंदगी और बदबू पर जताई नाराजगीबैठक में यह बात सामने आई कि कई खटाल संचालक गोबर को सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर डाल देते हैं या नालियों में बहा देते हैं, जिससे आसपास बदबू और अस्वच्छता फैलती है। इस समस्या को लेकर शहरवासियों ने महापौर से शिकायत की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बैठक आयोजित की गई।प्रतिदिन होगा गोबर संग्रहणनगर निगम ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक दिन एक अधिकृत वेंडर नियुक्त कर सभी खटालों से नियमित रूप से गोबर का संग्रहण कराया जाएगा।
खटाल संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिसर में गोबर एकत्रित रखें और निर्धारित वेंडर को सौंपें, ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे।नियम उल्लंघन पर जुर्मानामहापौर ने चेतावनी दी है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि सड़कों या नालियों में गोबर पाया गया, तो संबंधित खटाल संचालक पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।1 मार्च से नई व्यवस्था लागूयह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से लागू की जाएगी।
महापौर ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर के निर्माण में सभी नागरिकों और खटाल संचालकों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने सभी से सहयोग करने की अपील की, ताकि दुर्ग को स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाया जा सके।
