सराईसेत के इतिहास में रचा गया नया कीर्तिमान, पोषण साहू बने बीएसएफ में चयनित होने वाले पहले युवा

पंडरिया/कबीरधाम।पंडरिया ब्लाक के ग्राम सराईसेत के लिए यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण है। गांव के होनहार युवक पोषण साहू (पिता– हंस साहू) का चयन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हुआ है। यह पहली बार है जब सराईसेत गांव से किसी युवा ने बीएसएफ में स्थान बनाकर गांव के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। इस उपलब्धि से पूरे गांव में हर्ष और गर्व का माहौल है।बीएसएफ में चयन की खुशी में गांववासियों, साहू समाज के पदाधिकारियों तथा कबड्डी खिलाड़ियों द्वारा बाजा-गाजा के साथ भव्य रैली निकाली गई।
रैली में देशभक्ति के नारों की गूंज, फूलमालाओं से स्वागत और ढोल-नगाड़ों की थाप ने पूरे गांव को देशप्रेम से सराबोर कर दिया। ग्रामीणों ने जगह-जगह पोषण साहू का अभिनंदन कर उनका उत्साहवर्धन किया।उल्लेखनीय है कि पोषण साहू के माता-पिता ने लंबे समय तक मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण किया। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने बच्चों को शिक्षा के लिए निरंतर प्रेरित किया। माता-पिता के संघर्ष, संस्कार और पोषण साहू की कड़ी मेहनत, अनुशासन व दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि आज वे बीएसएफ जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयनित हुए हैं।
आज पोषण साहू न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव और समाज का गौरव बन चुके हैं। उनकी सफलता गांव के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह संदेश देती है कि कठिन हालातों में भी परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास से बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है।
इस अवसर पर गांववासियों ने पोषण साहू के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका यह चयन आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करेगा और सराईसेत गांव का नाम रोशन करता रहेगा।
