पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ का एक ग्राम बनेगा ‘सोलर मॉडल विलेज’10 बड़े ग्रामों के बीच छह माह की प्रतिस्पर्धा शुरू

पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ का एक ग्राम बनेगा ‘सोलर मॉडल विलेज’10 बड़े ग्रामों के बीच छह माह की प्रतिस्पर्धा शुरू, जिला स्तरीय समिति ने की प्रक्रिया प्रारंभ

रायगढ़, 06 नवंबर 2025।केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित ‘सोलर मॉडल विलेज’ बनाया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है।निर्णय लिया गया है कि उसी श्रेणी के ग्राम प्रतिस्पर्धा में शामिल होंगे जिनकी आबादी 5,000 से अधिक है। रायगढ़ जिले में इस श्रेणी के सीमित ग्राम होने के कारण सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें आगामी छह माह तक चलने वाली प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

चयनित 10 ग्राम पंचायतें केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के आधार पर रायगढ़ जिले के निम्न ग्राम इस प्रतियोगिता में शामिल किए गए हैं

—कुडुमकेला (घरघोड़ा)

तमनार (तमनार)

खैरपुर (रायगढ़)

विजयनगर (धरमजयगढ़)

तराईमाल (तमनार)

गहनाझरिया (लैलूंगा)

गढ़मरिया (पुसौर)

छाल (धरमजयगढ़)

सिसरिंगा (पुसौर)

कोडातराई (पुसौर)

इन्हीं में से एक ग्राम को जिले का पहला ‘सोलर मॉडल विलेज’ घोषित किया जाएगा।मुख्यमंत्री के निर्देश, नवीकरणीय ऊर्जा को मिलेगी गति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार को गति देने और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने हेतु जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसी दिशा में रायगढ़ प्रशासन यह प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है।

छह माह की विस्तृत प्रक्रिया आगामी छह महीनों तक इन ग्रामों में—घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना,जन जागरूकता अभियान,योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे आवेदनों की समीक्षा,सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए डोर-टू-डोर संपर्क जैसी गतिविधियाँ लगातार की जाएँगी।आदर्श ग्राम समिति का गठनप्रत्येक ग्राम में एक आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है,

जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी व अन्य शासकीय अधिकारी सदस्य रहेंगे।यह समिति ग्रामीणों को—पी.एम. कुसुम योजना,जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप,सोलर हाईमास्ट,सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा व्यवस्थाओं की जानकारी प्रदान करेगी।

सामुदायिक सौर संयंत्र के प्रस्ताव तैयार होंगे क्रेडा के सहायक अभियंता श्री विक्रम वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता की अवधि में प्रत्येक ग्राम अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप सामुदायिक सौर परियोजनाओं के प्रस्ताव जिला स्तर पर प्रस्तुत करेगा।मार्च 2025 तक भेजा जाएगा विस्तृत डीपीआरछह माह पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा।

आमूल्यांकन के आधार—ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्र,योजनाओं हेतु आवेदन संख्या,सामुदायिक सहभागिता,उपलब्ध ऊर्जा सुविधाएँ,सौर संसाधनों का उपयोग।चयनित ग्राम के लिए विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

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