फर्जी हालमार्क लगाकर बैंक से लोन लेने की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार113 ग्राम नकली आभूषण के साथ धराया, बैंक को बड़ी ठगी से बचाया गया

दुर्ग। जिले के छावनी थाना क्षेत्र में नकली स्वर्ण आभूषण पर कूटरचित हालमार्क अंकित कर बैंक से ऋण लेने का प्रयास करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला सिटी यूनियन बैंक की नंदिनी रोड, छावनी शाखा का है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 10:30 बजे एक व्यक्ति बैंक में स्वर्ण आभूषण गिरवी रखकर लोन लेने पहुंचा। शाखा प्रबंधक अनुराग बंधु की सूचना पर बैंक के स्वर्ण आभूषण परीक्षक राकेश कुमार गुप्ता ने जब आभूषणों की जांच की तो वे नकली पाए गए।बताया गया कि आरोपी ने 113 ग्राम नकली आभूषणों पर 833 एवं 916 कैरेट का फर्जी हालमार्क अंकित कर उन्हें असली बताने का प्रयास किया।
यदि समय रहते परीक्षण में यह फर्जीवाड़ा पकड़ में नहीं आता, तो बैंक को आर्थिक क्षति हो सकती थी।सूचना के आधार पर थाना छावनी में अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 318(4), 336(2), 62 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से 113 ग्राम नकली स्वर्ण आभूषण जब्त किए गए, जिनमें 1 हार, 2 कंगन, 2 चैन, 1 ब्रेसलेट और 1 अंगूठी शामिल है।गिरफ्तार आरोपी की पहचान राज कुमार पातरा (37 वर्ष), निवासी राघा नगर, थाना घाटला, जिला मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल), हाल निवास प्रेम सागर चौक, बैगा पारा, दुर्ग के रूप में हुई है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
सराहनीय भूमिकाइस कार्रवाई में थाना छावनी पुलिस की त्वरित एवं सक्रिय भूमिका रही। साथ ही बैंक के स्वर्ण परीक्षक राकेश कुमार गुप्ता की सजगता से बैंक को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका।दुर्ग पुलिस की अपीलपुलिस ने आम नागरिकों एवं वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के कूटरचित दस्तावेज या आभूषण से जुड़े संदेहास्पद मामलों की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
धोखाधड़ी और कूटरचना जैसे अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
