दुर्ग / छत्तीसगढ़ में एनआरएलएम बिहान से जुड़ी सीआरपी और सक्रिय महिलाओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। दुर्ग में सक्रिय महिला संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

सक्रिय महिला संघ का आरोप है कि एनआरएलएम बिहान के अंतर्गत कार्यरत सीआरपी महिलाओं से 24 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन इसके बदले उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है। वर्तमान में महिलाओं को प्रतिमाह केवल 1910 रुपये मिलते हैं, जिसे आज की महंगाई के दौर में नाकाफी बताया जा रहा है।संघ ने मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक करने की मांग रखी है। इसके साथ ही मोबाइल, इंटरनेट खर्च और ऑनलाइन कार्य के लिए अलग से भुगतान की भी मांग की गई है। महिलाओं का कहना है कि लगातार बैठकों, फील्ड वर्क और ऑनलाइन डाटा एंट्री के कारण उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

खिलेश्वरी साहूनूतन बंछोर रेखा राजपूत पद्मा पाटील, प्रांतीय अध्यक्ष – सक्रिय महिला संघ सक्रिय महिला संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगी।
अब बड़ा सवाल यही है कि सरकार सक्रिय महिलाओं की इन गंभीर मांगों पर क्या फैसला लेती है, या फिर यह महिला आक्रोश आने वाले दिनों में और तेज होगा।
