मनरेगा में बदलाव श्रमिक-विरोधी, ग्रामीणों से छीना गया काम का अधिकार: कुंवर सिंह निषाद
दुर्ग। मनरेगा कानून में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर दुर्ग में पत्रकारवार्ता आयोजित की गई। पत्रकारवार्ता में गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, मनरेगा बचाओ संग्राम प्रभारी प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसी उपस्थित रहे।
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि मनरेगा में किया गया परिवर्तन मोदी सरकार का श्रमिक-विरोधी कदम है। यह महात्मा गांधी के आदर्शों पर कुठाराघात है और गरीबों से काम का संवैधानिक अधिकार छीनने की साजिश है। पहले मनरेगा संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकारों पर आधारित गारंटी थी, जिसे अब शर्तों वाली केंद्र नियंत्रित योजना में बदल दिया गया है।प्रदेश महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि मनरेगा गांधीजी के ग्राम स्वराज और काम की गरिमा का प्रतीक रहा है, लेकिन सरकार ने न केवल गांधी का नाम हटाया बल्कि 12 करोड़ मजदूरों के अधिकारों को भी कमजोर किया है।
यह योजना दो दशकों से ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा रही है।जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि दुर्ग जिले में मनरेगा के मानव दिवस लक्ष्य को लगातार घटाया जा रहा है, जिससे पलायन बढ़ेगा। वहीं धीरज बाकलीवाल ने कहा कि नया सिस्टम राज्यों पर आर्थिक बोझ डालकर मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में है।मुकेश चंद्राकर ने आरोप लगाया कि 100 से 125 दिन रोजगार की बात केवल दिखावा है, जबकि वास्तविकता में काम नहीं दिया जा रहा।
अंत में प्रवक्ता नासिर खोखर ने बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कल गांधी प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस का एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
