मुख्यमंत्री ने बगिया में जनता को किया संबोधित, सुशासन सरकार के सफल दो वर्ष पूरे होने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री ने बगिया में जनता को किया संबोधित, सुशासन सरकार के सफल दो वर्ष पूरे होने पर दी बधाई

राज्य निर्माण के 25वें वर्ष पूर्ण होने पर उपलब्धियों का लेखा-जोखा किया प्रस्तुत,जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली प्रदेश की तस्वीर सुशासन सरकार के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया स्थित अपने निज निवास में आयोजित आमजनों एवं पत्रकारों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर वीडियो डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया। बगिया में मौजूद लोगों ने वीडियो के माध्यम से सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 दिसम्बर को सरकार के दो वर्ष पूर्ण हुए और इसी वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के भी 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया, जो विकास के स्वर्णिम काल की ओर संकेत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया। सरकार बनते ही सभी गारंटियों को पूर्ण किया जा रहा है। जिससे लोग लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 36 वादे किए थे, जिन्हें पूरा नहीं किया गया, जबकि वर्तमान सरकार ने शपथ लेते ही जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए ठोस निर्णय लिए। कार्यक्रम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, श्री सुनील गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, आम नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए सरकार बनते ही 14 दिसम्बर 2023 को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख गरीब परिवारों के आवास स्वीकृत किए गए। अब तक 8 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को एकमुश्त राशि में धान का भुगतान किया जा रहा है, 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खरीदी और 3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है। लंबित बोनस राशि का भुगतान किया गया तथा तेंदूपत्ता 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से खरीदा जा रहा है।महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं।

महिलाएं इस राशि से सब्जी-भाजी व्यवसाय, पशुपालन, किराना दुकान जैसे कार्य कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रही हैं। उन्होंने रायगढ़ जिले के एक गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां महतारी वंदन की राशि से चंदा कर ग्रामीण महिलाओं ने श्रीराम मंदिर का निर्माण करा रहे है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही के लिए पृथक सुशासन विभाग का गठन किया गया है। बस्तर एवं दण्डकारण्य क्षेत्र में इमली, महुआ, चिरौंजी जैसे वनोपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की घोषणा के अनुरूप सुरक्षा बलों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुनर्वास नीति लागू कर नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत 400 से अधिक गांवों में सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में सवा लाख करोड़ रुपए का निवेश कर व्यापक विकास किया जाएगा।उद्योग एवं रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित युवाओं को उद्योग नीति के अंतर्गत 1 रुपए प्रति एकड़ की दर से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू हुए हैं। माइक्रो-चिप्स निर्माण के लिए सिलिकॉन वैली की तर्ज पर परियोजना लाई जा रही है। कोसा, तसर, सिल्क एवं वस्त्र उद्योग की इकाइयों के लिए भी करार किए गए हैं। अब तक 15 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जिनमें बिजली, सहकारिता, पीडब्ल्यूडी तथा अन्य विभाग शामिल है। साथ ही 5000 शिक्षक भर्ती भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है।जनजातीय विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘जश-प्योर’ ब्रांड के माध्यम से जशपुर में महुआ कैंडी जैसे उत्पाद तैयार कर वैल्यू एडिशन किया जा रहा है। वन-धन योजना के तहत स्थानीय वन उपजों की खरीदी कर लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।

80 हजार करोड़ रुपए की धरती आबा योजना के अंतर्गत प्रदेश में 6691 जनजातीय गांवों का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 4000 करोड़ रुपए से विशेष पिछड़ी जनजातियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इन योजनाओं से पहाड़ी कोरबा, बिरहोर, अबूझमाड़ियां, कमार एवं बैगा इन पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों का समग्र विकास किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि अबूझमाड़ के बच्चे मलखंभ में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

बस्तर के धुर्मारास गांव का चयन विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में देश से एकमात्र छत्तीसगढ़ के गांव के रूप में हुआ है, जिससे पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।जशपुर जिले के लिए की जा रही घोषणाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां आर्चरी अकादमी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। फरसाबहार में सत्य साईं हृदय चिकित्सा यूनिट 14 जनवरी से प्रारंभ होगी, जहां बच्चों के दिल की बीमारी का निःशुल्क उपचार होगा।

नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, हर्राडांड में विद्युत उत्पादन इकाई, नालंदा परिसर एवं पर्यटन अधोसंरचना का विकास भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर वर्ग को सुविधा और अवसर मिले और जनता की उम्मीदों पर सरकार खरी उतरे।

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