मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
बाल विवाह रोकने करेगा प्रचार प्रसार बाल विवाह के विरुद्ध जन-जागरूकता को राज्य के अंतिम छोर तक पहुँचाने और छत्तीसगढ़ को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगिया से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ 8 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न गांवों और कस्बों में भ्रमण कर बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय बाल विवाह चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भी शामिल हुए। यह पहल 100 दिवसीय राष्ट्रव्यापी गहन जागरूकता अभियान के अंतर्गत संचालित की जा रही है। जिले में यह अभियान समर्पित सेंटर फॉर पावर्टी एलिविएशन एंड सोशल रिसर्च द्वारा, बाल अधिकारों के लिए कार्यरत देशव्यापी नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से चलाया जा रहा है।रथ को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बाल विवाह की प्रवृत्ति में पहले की तुलना में उल्लेखनीय कमी आई है।
बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है और सरकार, नागरिक समाज संगठनों तथा स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही बाल विवाह से मुक्त किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, संस्था सदस्य अंजलि ताम्रकार, संस्था के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
संस्था द्वारा बताया गया कि प्रचार प्रसार रथ चारपहिया वाहनों के माध्यम से प्रमुख मार्गों पर तथा मोटरसाइकिल और साइकिल कारवां के जरिए दूरस्थ और कमजोर संपर्क वाले गांवों तक पहुँचेगा। यात्रा के दौरान पंचायतों, स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संवाद के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। समर्पित संस्था के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने बताया कि यह रथ समुदाय स्तर पर चेतना विकसित करने और बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ सामूहिक संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अभियान के माध्यम से ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
