सुशासन सप्ताह शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 117 आवेदन प्राप्त आदित्य नगर जोन में आयोजित शिविर का महापौर–आयुक्त ने किया उद्घाटन
दुर्ग/22 दिसम्बर। नगर पालिक निगम दुर्ग के अंतर्गत आदित्य नगर जोन कार्यालय में सुशासन सप्ताह – प्रशासन शहर की ओर अभियान के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ महापौर अलका बाघमार, आयुक्त सुमित अग्रवाल एवं लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चंद्राकर ने भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी एवं महात्मा गांधी के तेलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन अवसर पर एमआईसी सदस्य ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, कुलेश्वर साहू सहित पार्षद सावित्री साहू, रंजीता पाटिल, जितेंद्र कुमार, युवराज कुँजम, गुलशन साहू, अरुण सिंह, कमल देवांगन, सुरुचि उमरे, मनीष कोठारी, गुड्डू यादव उपस्थित रहे। साथ ही उपायुक्त मोहेंद्र साहू, कार्यपालन अभियंता सुश्री विनीता वर्मा, प्रकाशचंद थावनी, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, संजय ठाकुर, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, उद्यान प्रभारी अनिल सिंह सहित निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
117 आवेदन, त्वरित निराकरण के निर्देश शिविर में नागरिकों द्वारा कुल 117 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें 102 मांग संबंधी एवं 15 शिकायत आवेदन शामिल थे। मांग पत्रों में पट्टा, सड़क एवं नाली निर्माण प्रमुख रहे, जबकि शिकायतों में जल आपूर्ति एवं अतिक्रमण से जुड़े प्रकरण सामने आए। सभी आवेदनों को त्वरित निराकरण हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ शिविर के दौरान नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा 74 मरीजों का उपचार, 18 लैब टेस्ट तथा 43 हितग्राहियों को निशुल्क दवाइयाँ प्रदान की गईं।
एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएँ शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), राशन कार्ड, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ट्रेड लाइसेंस, संपत्ति शाखा, पंजीयन काउंटर, विद्युत विभाग, पशुधन विकास विभाग, श्रम विभाग, आयुष विभाग, आधार कार्ड एवं आबकारी विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए।महापौर का संदेश महापौर अलका बाघमार ने शिविर में पहुंचे हितग्राहियों से चर्चा कर समस्याएँ जानीं और आयुक्त को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्राप्त सभी आवेदनों का विभागीय प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को एक ही स्थान पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
