CSVTU पीएचडी फीस घोटाला, 9.44 लाख की ठगी करने वाला कर्मचारी गिरफ्तार
दुर्ग | भिलाई | नेवई थाना क्षेत्रछत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई में पीएचडी शोधार्थियों से फीस के नाम पर की गई बड़ी धोखाधड़ी का पुलिस ने खुलासा किया है। विश्वविद्यालय की पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार द्वारा शोधार्थियों से नकद राशि लेकर फर्जी रसीदें जारी कर 9 लाख 44 हजार 500 रुपये का गबन किया गया। मामले में दुर्ग पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
जांच में उजागर हुआ पूरा खेलविश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत मिली थी कि पीएचडी में पंजीकृत शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है। शिकायत के बाद CSVTU स्तर पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति ने प्रारंभिक जांच में भारी वित्तीय अनियमितता पाई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शोधार्थियों से ली गई नकद राशि विश्वविद्यालय के खाते में जमा नहीं की गई।फर्जी रसीदें बनाकर की ठगीजांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीएचडी शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने शोधार्थियों से नकद फीस लेकर उन्हें फर्जी शुल्क रसीदें थमा दीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर थाना नेवई में अपराध क्रमांक 062/2026 धारा 316(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।आरोपी गिरफ्तार, जेल दाखिलपुलिस विवेचना के दौरान आरोप प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी से मेमोरण्डम कथन लिया गया और फर्जी शुल्क रसीदों सहित संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। दिनांक 09 फरवरी 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।घटना स्थल व आरोपी विवरणयह पूरा मामला CSVTU विश्वविद्यालय परिसर, भिलाई से जुड़ा है।
गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार प्रसाद (38 वर्ष), निवासी एचएससीएल कॉलोनी, रूआबांधा, थाना नेवई, जिला दुर्ग है।पुलिस की सख्त चेतावनीदुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी या अनियमितता की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
