जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर की मांग तेज, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
दुर्ग। जिले के प्रमुख शासकीय चिकित्सा संस्थान जिला चिकित्सालय दुर्ग में ट्रॉमा सेंटर संचालन की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अस्पताल की बढ़ती मरीज संख्या और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को गंभीर बताते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।ज्ञापन में बताया गया कि जिला चिकित्सालय दुर्ग 500 बेड की क्षमता वाला अस्पताल है, जहां प्रतिदिन 1000 से अधिक मरीजों को उपचार मिल रहा है।
यहां केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी पीड़ित एवं गंभीर रोगों से ग्रसित मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकों—कार्डियक, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, डर्मेटोलॉजी तथा रेडियोलॉजी—की कमी बनी हुई है, जिससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।इसके अलावा अस्पताल में वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स, ड्रेसर, वाहन चालक, रेडियोग्राफर सहित अन्य आवश्यक कार्मिकों की भी भारी कमी है। वर्तमान में कार्यरत डॉक्टर और कर्मचारी पुराने सेटअप के अनुसार सेवाएं दे रहे हैं, जबकि अस्पताल की क्षमता और मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है।
पहले जहां 250–300 बेड और 450–500 मरीजों के अनुरूप व्यवस्थाएं थीं, वहीं अब बढ़ते दबाव के कारण चिकित्सा व्यवस्था पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।इस प्रतिकूल स्थिति के चलते रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। गंभीर दुर्घटनाओं और आपातकालीन मामलों में मरीजों को अन्य बड़े शहरों में भेजना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की हानि होती है।ज्ञापन में मांग की गई है कि जिला चिकित्सालय में शीघ्र ट्रॉमा सेंटर का संचालन शुरू किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट, हृदयाघात और अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।
इससे अनेक मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ जीवन रक्षा संभव हो सकेगी।यह ज्ञापन जिला चिकित्सालय की जीवन दीप समिति के आजीवन सदस्य दिलीप ठाकुर तथा सहयोगी सीताराम ठाकुर और नीलकंठ गढ़े द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में कार्यवाही हेतु प्रस्ताव को संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को अग्रेषित किया गया है।
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि शासन स्तर पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, जिससे आम लोगों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सेवा मिल सके।
