जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक वर्षों से लंबित, कर्मचारी आक्रोशित
दुर्ग।छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक वर्षों से लंबित होने पर नाराज़गी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि समिति की बैठक आयोजित करने हेतु अब तक 11 बार पत्र भेजे गए, लेकिन मान्यता प्राप्त संघ के पत्रों की लगातार अनदेखी की जा रही है।जानकारी के अनुसार, जिले में आखिरी बार संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक 05 फरवरी 2020 को हुई थी।

शासन के निर्देशानुसार तीन माह में समिति की बैठक होना अनिवार्य है, लेकिन पांच वर्षों से यह प्रक्रिया ठप है। विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ 8-2/1-9/2006 दिनांक 27/10/2006 के अनुसार अधिकारियों एवं मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बैठक लेकर उसके प्रतिवेदन को शासन को भेजना आवश्यक है।

इस बीच छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंत्रालय, नवा रायपुर से जारी पत्र क्रमांक डब्ल्यूईएलएफ-3001/7/20234-जीएडी-9, दिनांक 10 नवंबर 2025 में विभाग एवं विभागाध्यक्ष स्तर पर 15 दिसंबर 2025 तक परामर्शदात्री समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से बैठक नहीं होने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।
पदोन्नति, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति, वरिष्ठता सूची प्रकाशन, सेवा पुस्तिका संधारण, सेवानिवृत्ति उपरांत स्वत्वों का भुगतान, पेंशन एवं अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण, चिकित्सा एवं यात्रा भत्ता देयक सहित विभिन्न प्रकरण लंबित पड़े हुए हैं। मातृत्व एवं संतान पालन अवकाश पर गए कर्मचारियों के वेतन भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं।
शासन के निर्देशों के पालन में बाधा देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष एवं कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन-दुर्ग के मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव ने कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन प्रेषित कर अविलंब समिति की बैठक आयोजित करने की मांग की है।
