दुर्ग जिला अस्पताल में देहदान की मिसाल: 25 लोगों ने किया मानवता को समर्पण
दुर्ग जिला अस्पताल में मानवता और समाज सेवा की एक प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिली, जहां 25 जागरूक नागरिकों ने देहदान करने की घोषणा की। इनमें 19 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। इस अवसर पर सभी देहदान संकल्पकर्ताओं को सम्मानपूर्वक प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।कार्यक्रम का उद्देश्य भविष्य के डॉक्टरों को मेडिकल शिक्षा के दौरान मानव शरीर की संरचना और कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन करने में सहायता प्रदान करना है, जिससे मेडिकलॉजी के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिल सके।
नवदृष्टि फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री राज आढ़तिया ने कहा कि देहदान समाज के लिए सबसे बड़ा योगदान है, क्योंकि इससे आने वाली पीढ़ी के डॉक्टर बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।वहीं सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कहा कि समाज के लोगों को आगे आकर रक्तदान, नेत्रदान और देहदान जैसे पुण्य कार्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए। ऐसे दान से न केवल जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सकती है, बल्कि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई भी सरल और प्रभावी बनती है।
यह कार्यक्रम समाज में सेवा, संवेदना और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाला एक शानदार उदाहरण बनकर सामने आया है।
