म्यूल अकाउंट गिरोह पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड में 2 और आरोपी गिरफ्तार
:बैंक खाते किराए पर देकर कर रहे थे करोड़ों का अवैध लेन-देन, अब तक 8 आरोपी जेल में
दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर म्यूल अकाउंट के जरिए अवैध लेन-देन करने वाले गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।पदमनाभपुर थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस लगातार विवेचना कर रही थी। तकनीकी जांच के दौरान बैंक खातों और डेबिट कार्ड की पड़ताल में नए आरोपियों की पहचान हुई, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर धोखाधड़ीप्रकरण में प्रार्थी अविनाश दुबे (27), निवासी हुडको भिलाई ने 30 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे झांसे में लेकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए और एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में ले लिए। इन खातों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग से प्राप्त रकम का अवैध लेन-देन किया जा रहा था।मामले में अपराध क्रमांक 566/2025 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के प्रावधानों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।पहले 6 आरोपी जा चुके हैं ।
जेल पुलिस ने इससे पहले लोकेश कुमार जाधव, टवन कुमार जाधव, विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड़, अमित मिश्रा और विशाल मसीह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी से मिले आईडीबीआई बैंक डेबिट कार्ड की जांच में पता चला कि कार्ड बादल नाहरकर और मुरारी महानंद के नाम से जारी थे।ऐसे करते थे अपराध जांच में सामने आया कि आरोपी पैसों के लालच में अपने बैंक खाते गिरोह को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से अवैध लेन-देन किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी बादल नाहरकर (21), निवासी सिद्धार्थ नगर, दुर्ग मुरारी महानंद (60), निवासी हरिजन पारा, दुर्ग दोनों को सिद्धार्थ नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जब्त सामग्री• आईडीबीआई बैंक का डेबिट कार्ड• विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल फोन (पूर्व में जब्त)पुलिस की अपीलपुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या ओटीपी न दें। ऑनलाइन गेमिंग या त्वरित कमाई के लालच में आकर बैंक खाते उपलब्ध कराना दंडनीय अपराध है। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस का कहना है कि मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
