बैगा आदिवासियों के पीएम आवास पर रोजगार सहायक की ‘दलाली’, मजदूरी भी डकार गया

दुर्ग-कबीरधाम/ 10 अप्रैल 2026/पण्डरिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांदावानी में पीएम जनमन आवास योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। आरोप है कि यहाँ पदस्थ रोजगार सहायक गजेन्द्र माठले बैगा आदिवासी हितग्राहियों से आवास की स्वीकृत राशि बैंक से निकलवाकर पूरी रकम खुद मांग रहा है।
क्या है मामला:छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरनलाल साहू ने संभाग आयुक्त दुर्ग को शिकायत सौंपी है। शिकायत में बताया गया कि गजेन्द्र माठले हितग्राहियों पर खुद ठेका लेकर मकान बनाने का दबाव डालता है। मना करने पर आवास को ‘होल्ड’ कराने और योजना से वंचित करने की धमकी देता है।
मजदूरी भी नहीं मिली: ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के तहत किये गये कार्यों की मजदूरी भी आज तक नहीं मिली। भूमिहीन बैगा परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत है। रोजगार सहायक की मनमानी से प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं।
संगठन ने खोला मोर्चा: पूरनलाल साहू का कहना है कि जनपद और जिला स्तर पर पहले भी शिकायत की गई, लेकिन विभागीय संरक्षण के चलते कोई कार्यवाही नहीं हुई। अब संभाग आयुक्त से मांग की गई है कि तत्काल जाँच दल गठित कर आरोपी रोजगार सहायक को निलंबित किया जाए और 7 दिन में मजदूरी व आवास का लाभ दिलाया जाए।
प्रशासन पर सवाल: पीएम जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के लिए है। ऐसे में योजना में ही वसूली और शोषण के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना है कि संभाग आयुक्त इस पर क्या एक्शन लेते हैं।—
मुख्य आरोप: 1. आवास की राशि निकालकर पूरी रकम की मांग
2. खुद ठेका लेने का दबाव, मना करने पर धमकी
3. मनरेगा की मजदूरी का भुगतान लंबित
4. पूर्व शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं
मांग: रोजगार सहायक का निलंबन, FIR और 7 दिन में भुगतान
