नौकरी दिलाने के नाम पर 4.35 लाख की ठगी, फर्जी कलेक्ट्रेट अधिकारी गिरफ्तार
जशपुर। खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला सिटी कोतवाली जशपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी रोहित खाखा (23) निवासी ग्राम इचकेला ने 16 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी प्रदीप पंडा (28) निवासी सोडापाठ चौक पुसौर, जिला रायगढ़ ने उसकी मां को झांसे में लेकर खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताया था।
आरोपी ने सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते हुए पहले 50 हजार रुपए लिए।इसके बाद आरोपी ने ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपए और मांग लिए। प्रार्थी की मां ने जमीन गिरवी रखकर यह राशि भी आरोपी को दे दी। कुछ दिनों बाद आरोपी ने एक और पद खाली होने की बात कहकर उमेश भगत निवासी ठूठीअंबा की मां से भी 2 लाख 35 हजार रुपए ले लिए।समय बीतने पर जब नौकरी नहीं लगी और आरोपी टालमटोल करने लगा तो पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद सिटी कोतवाली जशपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना सिटी कोतवाली जशपुर की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को जशपुर के एक होटल से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उसने रकम से उधारी चुकाई और फर्जी ऑफिस चलाने के लिए टेबल, कुर्सी व कंप्यूटर खरीदे थे। पुलिस ने आरोपी के भट्टी रोड स्थित कथित कार्यालय से टेबल, कुर्सी व कंप्यूटर जब्त कर लिया है।आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक विपिन किशोर केरकेट्टा, आरक्षक विनोद तिर्की तथा नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
