बायसन पर तीर से हमला करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, वन विभाग की तत्परता से बची वन्यजीव की जान

बायसन पर तीर से हमला करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, वन विभाग की तत्परता से बची वन्यजीव की जान

कवर्धा/पंडरिया। वन परिक्षेत्र पंडरिया (पूर्व) के सीमावर्ती क्षेत्र में एक गंभीर वन्यजीव अपराध का मामला सामने आया है, जहाँ अज्ञात शिकारियों द्वारा एक वयस्क बायसन (गौर) को तीर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए न केवल बायसन की जान बचाई, बल्कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।घटना का विवरणपिछले तीन दिनों से क्षेत्र में एक बायसन के भटककर आने की सूचना पर वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा था।

इसी दौरान रात्रि के अंधेरे का फायदा उठाकर शिकारियों ने तीर से हमला कर उसे घायल कर दिया। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल के निर्देशन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की संयुक्त टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।रेस्क्यू और उपचारस्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. जडिया ने बायसन को ट्रैंक्विलाइज कर उसके शरीर से एक तीर निकालकर प्राथमिक उपचार किया। हालांकि अगले दिन निरीक्षण में पाया गया कि बायसन अपने एक पैर का सही उपयोग नहीं कर पा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर से विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया।

डॉ. चंदन और उनकी टीम ने जांच में पाया कि बायसन के पैर के भीतर दो और तीर गहराई से धंसे हुए हैं, जो बाहर से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसके बाद डॉ. जडिया और डॉ. चंदन की टीम ने जटिल सर्जरी कर दोनों तीरों को सफलतापूर्वक निकाल दिया। उपचार के बाद बायसन पूरी तरह स्वस्थ हो गया और उसे सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।आरोपियों की गिरफ्तारीवन विभाग और वन विकास निगम ने संयुक्त रूप से मुखबिर तंत्र और डॉग स्क्वाड की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। सटीक सूचना के आधार पर संदिग्धों के घरों में छापेमारी की गई, जहाँ से शिकार में प्रयुक्त धनुष-बाण बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—

पंडरू बैगाचैतुराम बैगाशिवा बैगापताल सिंहसुखराम बैगा(सभी निवासी सरहापथरा)कानूनी कार्रवाई सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 27 मार्च 2026 को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।अधिकारियों का सराहनीय योगदान इस पूरे अभियान में उपवन मंडलाधिकारी सुयश धर दीवान, परिक्षेत्र अधिकारी महेन्द्र कुमार जोशी सहित वन विभाग के कई अधिकारियों-कर्मचारियों और डॉग स्क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वन्यजीव संरक्षण का संदेश इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही यह घटना शिकार जैसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश भी देती है।

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