गिरौदपुरी धाम गुरु दर्शन मेला: सुमन परिवार किरारी व सतनामी समाज ने श्रद्धालुओं को वितरित की सतनाम परसादी
मस्तूरी। छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्थित गिरौदपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन मेला के अवसर पर सुमन परिवार किरारी एवं सतनामी समाज द्वारा आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सतनाम परसादी के रूप में हलवा वितरण किया गया। इस सेवा कार्य ने श्रद्धालुओं के बीच भक्ति, सेवा और समर्पण का अनूठा संदेश दिया।
साहेब गुरु सतनाम… जय जय सतनाम।परम पूज्य बाबा गुरु घासी दास जी की तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित इस गुरु दर्शन मेले में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सुमन परिवार किरारी और सतनामी समाज ने श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ सतनाम परसादी वितरण किया। कार्यक्रम में धरम भार्गव, राहुल सिंह और अमृत टंडन का विशेष सहयोग रहा।
सतनाम परसादी वितरण में सुमन परिवार किरारी की ओर से विजय सुमन, राकेश सुमन, यशवंत सुमन, अजय सुमन, अमन सुमन और शिब्बू सुमन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए समाज में एकता और सेवा भावना का संदेश दिया। आयोजकों ने बताया कि विगत 17 वर्षों से किरारी धाम में सतसंग और गुरु दर्शन मेले के दौरान आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को खीर-पूरी का वितरण किया जाता रहा है। इस वर्ष सोमवार को शहीद कलेश्वर सुमन कॉम्प्लेक्स के पास सतनाम रूपी परसादी के रूप में हलवा वितरण किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत परम पूज्य बाबा गुरु घासी दास जी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना से हुई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से धरम भार्गव (भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य), राहुल सिंह (पूर्व उपसरपंच किरारी), ज्वाला बंजारे (जनपद सदस्य मस्तूरी), परमेश्वर सुमन, लालजी गेंदले, पंच कुमार सुमन, कमोद राय, समारू सोनवानी, देवकुमार गोयल, संतोष बर्मन, विनोद सोनवानी, रोहित कुमार, रमेश बंजारे, जय कुमार, जेठू सोनवानी, प्रमोद सुमन, सन्नी सुमन, ललित सुमन, कृष्ण सुमन, सुनील सुमन, जतिन सुमन, अप्पू सुमन, मयंक सुमन, रघु यादव, हरिओम श्रीवास, विमल कांत, भूवन भास्कर, रामगोपाल भार्गव, जय मधुकर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।सतनाम परसादी वितरण कार्यक्रम शहीद कलेश्वर सुमन कॉम्प्लेक्स, मेन रोड किरारी-मस्तूरी में संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बोल परम पूज्य बाबा गुरु घासी दास जी – जय जय सतनाम।
