राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 25 पदाधिकारियों की बहाली,सरकार ने किया आदेश जारी
संघ ने मुख्यमंत्री ,स्वास्थ्य मंत्री समेत पूरी सरकार को दिया धन्यवाद
भविष्य में साथ मे मिलकर प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाने लिया संकल्प
छ. ग प्रदेश एन.एच.एम कर्मचारी संघ के बैनर तले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की अनिश्चितकालिन मैराथन हड़ताल 33 दिन चली थी,जो छत्तीसगढ़ के इतिहास में सबसे लंबी और प्रभावी हड़ताल में शामिल थी,33 दिन की हड़ताल में सरकार ने 10 में से 7 मांगो को मानने और अन्य 3 पर भविष्य में अच्छा फैसला करने का आश्वासन दिया था,अभी तक 3 आदेश भी आए
जिसमे एक माह का सवैतनिक दुर्घटना/गंभीर बीमारी हेतु अवकाश का प्रावधान 01 जुलाई 2023 से लंबित 5% वेतन वृद्धि Cr व्यवस्था में पारदर्शिता का आदेश आ गया 2 अन्य मांग जिसमे स्थानांतरण नीति बनाने
10 लाख का कैशलेस इलाज के लिए समिति गठित कर दी गई जिसका भी आदेश जल्दी आने की उम्मीद है। 2 मांग ग्रेड पे निर्धारण तथा अनुकम्पा नियुक्ति हेतु 3 माह की समय सीमा में लागू करने हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर घोषणा की और संघ द्वारा सरकार पर भरोसा करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल से भेंट कर हड़ताल स्थगित करने का फैसला किया था,जिलों में की गई कार्यवाहि को तत्काल शून्य कर दिया गया था परंतु प्रदेश अध्यक्ष सहित 25 अन्य पदाधिकारियों की बर्खास्तगी शून्य नही हो पाई थी,अब सरकार ने संघ के अनुरोध पर 25 बर्खास्त कर्मचारी नेताओं को बहाल करते हुए,की गई समस्त कार्यवाही को शून्य कर दिया है जिससे 17500 कर्मचारियो और उनके परिवारों में हर्ष व्यापत है,इस तरह से इन कर्मचारियो नेताओ की घर वापसी सरकार ने सुनिश्चित कर दी है।
ये थी प्रमुख मांगे जिस पर हुआ था 33 दिन आंदोलन*1.राष्ट्रीय शिक्षा मिशन की तरह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का स्वास्थ्य विभाग में संविलियन,नियमितीकरण,स्थायीकरण
2.ग्रेड पे का निर्धारण3.अनुकम्पा नियुक्ति, पेंशन,जॉब सेक्युरिटी,सी.आर प्रथा में पारदर्शिता,अनुकम्पा नियुक्ति जैसे अन्य राज्य में मिल रही आदि मूलभूत सुविधाएं।*क्या कहा संघ के पदाधिकारियों ने* प्रदेश अध्यक्ष *डॉ अमित कुमार मिरी* ने जानकारी दी कि 33 दिन के अनिश्चितकालिन आंदोलन के दौरान राज्य स्तर से की गई 25 पदाधिकारियों के बर्खास्तगी की कार्यवाही को सरकार ने शून्य करते हुए सबको बहाल कर दिया है जिसके लिए मैं आदरणीय मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री जी बी.जे.पी प्रदेश अध्यक्ष जी का एवम विभागीय अधिकारियों को धन्यवाद देता हु,हम भविष्य में मिलकर काम करेंगे और सरकार से उम्मीद भी करेंगे कि समस्त वादों को समय सीमा में पूरा करें और जैसे अन्य राज्यो में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियो को मिल रही मूलभूत सुविधा छत्तीसगढ़ में भी मिले और भविष्य में इस तरह के आंदोलन करने की जरूरत हमे ना पड़े,संघर्ष जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है कर्मचारी हित मे संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
दुर्ग जिलाध्यक्ष *डॉ आलोक शर्मा* ने कहा कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है हम सभी आभारी है ,हम सबका धन्यवाद करते है ,ये आंदोलन हमारी वाजिब मांगो के लिए था सरकार ने जितने भी मांगे हमारी मानी उन्हें समय सीमा में पूरा करे जिससे सरकार के प्रति हमारा विश्वास और बढ़े और हम कंधे से कंधा मिलाते हुए आगे बढ़े और छत्तीसगढ़ को देश मे स्वास्थ्य सेवाओं में सर्वोच्च स्थान पर लाये,हम काम करने वाले लोग है, महाराष्ट्र में जिस प्रकार स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियो को समायोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है मध्यप्रदेश में स्थायीकरण ग्रेड पे अनुकम्पा नीति लागू है यहां भी हम सबको इसका लाभ मिले ऐसा हम सुशाशन सरकार से विनम्र निवेदन करते है और हमे आशा ही नही पूर्ण विश्वास है कि डबल ईंजन की यही सरकार हमे हमारा अधिकार दिलाएगी जैसा अन्य बी.जे.पी शासित राज्यो में मिला है ।
प्रदेश मीडिया प्रभारी *पुरण आनंद* ने कहा कि सरकार का निर्णय 16500 कर्मचारी परिवारो के लिए सुखद अनुभूति देने वाला है,हम सरकार का और प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले समस्त मंत्री, अधिकारियों का अपने 17500 कर्मचारी परिवार का जिन्होंने लगातार समर्थन दिया सहयोग किया धन्यवाद देते है,और आशा करते है कि हमारी सभी मांग पुरी हो और आजीवन हमे इतना बड़ा आंदोलन ना करना पड़े।दुर्ग जिला उपाध्यक्ष *सुश्री दिव्या लाल* ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए किसी त्यौहार से कम नही मैं मुख्यमंत्री जी स्वास्थ्य मंत्री जी को इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद देती हूं।
