राज्यपाल रमेन डेका ने केरेगांव होम-स्टे का किया भ्रमण, आदिवासी संस्कृति और ग्रामीण पर्यटन की सराहना

जशपुर | विशेष संवाददाता रमेन डेका ने अपने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव का दौरा किया। यहां उन्होंने ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया और स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन तथा पारंपरिक आतिथ्य से रूबरू हुए।होम-स्टे में प्रवास के दौरान राज्यपाल ने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों—चीला रोटी, महुआ रोटी, चटनी और पीठा—का स्वाद चखा।
उन्होंने इन व्यंजनों की शुद्धता, स्वाद और पारंपरिकता की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के होम-स्टे न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका के नए अवसर भी सृजित करते हैं। उन्होंने इसे आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
जसक्राफ्ट उत्पादों को मिली सराहना कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के अंतर्गत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण—माला और झुमके—राज्यपाल को भेंट किए। रमेन डेका ने इन हस्तनिर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।एडवेंचर स्पोर्ट्स से पर्यटन को नई पहचान इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात कर क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स, विशेषकर रॉक क्लाइंबिंग, को बढ़ावा देने की जानकारी दी। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे नवाचारों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि पर्यटन को नई गति मिले और युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों।
कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
