ऑडिट के नाम पर रिश्वत मांगने वाला प्रधान पाठक निलंबित, शिक्षा विभाग में हड़कंप

ऑडिट के नाम पर रिश्वत मांगने वाला प्रधान पाठक निलंबित, शिक्षा विभाग में हड़कंप

दुर्ग / जिला शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सेजेस शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला फरीद नगर के प्रभारी प्रधान पाठक विनोद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ रूपलाल ठाकुर द्वारा गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर की गई।

शिक्षिका से मांगे 15 हजार रुपये प्रधान पाठक पर आरोप था कि उन्होंने स्कूल की शिक्षिका रंजना ठाकुर से पहले 3000 रुपये लिए और बाद में ऑडिट के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की। राशि नहीं देने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत भी सामने आई।

जांच में आरोप साबित मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी से कराई गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि बिना किसी कार्य के 3000 रुपये लेने की बात स्वयं स्वीकार की गई और बाद में राशि लौटाई गई। साथ ही ऑडिट के नाम पर अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न के आरोप प्रमाणित पाए गए।

पढ़ाई में भी लापरवाही जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सत्र 2023-24 के दौरान संबंधित प्रधान पाठक ने किसी भी कक्षा में अध्यापन नहीं कराया। वहीं सत्र 2024-25 में केवल कक्षा 7वीं में अंग्रेजी विषय का सीमित अध्यापन किया गया, जो गंभीर शैक्षणिक लापरवाही मानी गई।

वित्तीय अभिलेख भी नहीं सौंपे 28 नवंबर 2025 को नए प्राचार्य द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद भी करीब एक माह तक विद्यालय का प्रभार और वित्तीय अभिलेख नहीं सौंपे गए। इसे प्रशासनिक अनुशासनहीनता और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।

इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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