राजस्व वसूली में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, लक्ष्य बढ़ने के बावजूद 48.78% तक पहुँची वसूली
दुर्ग | 07 फरवरी | नगर पालिक निगमनगर पालिक निगम दुर्ग के राजस्व विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व वसूली के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल के सख्त दिशा-निर्देशों और सतत निगरानी का सकारात्मक असर यह रहा कि जनवरी 2026 तक निगम की कुल राजस्व वसूली में पिछले वर्ष की तुलना में 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।लक्ष्य बढ़ा, फिर भी बेहतर वसूलीविगत वित्तीय वर्ष की तुलना में इस वर्ष निगम का राजस्व लक्ष्य ₹2549.08 करोड़ से बढ़ाकर ₹3581.08 करोड़ निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद जहां पिछले वर्ष इसी अवधि तक 45.02 प्रतिशत वसूली हुई थी, वहीं इस वर्ष 31 जनवरी 2026 तक 48.78 प्रतिशत वसूली पूरी कर ली गई है, जो विभाग की कार्यकुशलता को दर्शाता है।योजनाओं में व्यस्तता के बावजूद शानदार प्रदर्शनराजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार SIR कार्य, राशन कार्ड सत्यापन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन तथा श्रमयोगी मानधन योजना के अंतर्गत वार्ड स्तर पर शिविरों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इसके बावजूद राजस्व वसूली में निरंतर बढ़ोतरी होना विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।बकाया वसूली में ऐतिहासिक उपलब्धिनगर निगम द्वारा पिछले 10 माह में बकाया राजस्व वसूली पर विशेष फोकस किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 31 जनवरी 2026 तक 190.917 प्रतिशत बकाया वसूली की गई है। यह आंकड़ा निगम के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है।जनवरी से मार्च तक सघन वसूली अभियानराजस्व लक्ष्य प्राप्ति हेतु निगम द्वारा जनवरी से मार्च के बीच विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत—बकायादारों की वार्डवार सूची तैयारकर्मचारियों को मौखिक एवं लिखित निर्देशनियमित समीक्षा बैठकों से प्रगति की निगरानीवसूली टीम के साथ नल विच्छेदन दल की तैनातीबकाया नहीं चुकाने पर नल कनेक्शन काटने एवं दुकानों को सील करने की कार्रवाईइन सख्त कदमों से आगामी दो माह में शत-प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य हासिल किए जाने की उम्मीद है।
जन-जागरूकता पर भी जोरउक्त कार्रवाई की जानकारी प्रतिदिन समाचार पत्रों एवं नगर निगम के वाहनों के माध्यम से मुनादी कर आमजन तक पहुँचाई जा रही है, ताकि नागरिक समय पर कर एवं बकाया राशि जमा कर सकें।
नगर निगम दुर्ग का यह प्रयास न केवल राजस्व सुदृढ़ीकरण की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि अनुशासित प्रशासन की मिसाल भी पेश करता है।
