रानी अब्बक्का के शौर्य से प्रेरित छात्राओं ने दिखाई नेतृत्व क्षमता, छात्रा संसद में गूंजे सशक्तिकरण के स्वर

रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा रानी अब्बक्का की 500वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रायपुर स्थित पुराना विधानसभा भवन, सद्दू में “छात्रा संसद” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई 227 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण से जुड़े विविध मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की।कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध कर रही हैं और वे परिवार के साथ-साथ समाज, उद्योग और देश के नेतृत्व में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान मिला है। ‘नारी तू नारायणी’ की भावना के साथ आयोजित यह छात्रा संसद महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है।मध्य क्षेत्र की क्षत्रिय छात्रा प्रमुख शालिनी वर्मा ने कहा कि नारी का अस्तित्व सनातन काल से शाश्वत रहा है और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बेटियों को स्वाभिमान और संस्कारों से प्रेरित होने की बात कही।केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य राशि त्रिवेदी ने कहा कि “छात्रा संसद” केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नेतृत्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस दौरान “4S” – शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने भी मार्गदर्शन दिया। शिक्षा विषय पर आईएएस अधिकारी वैभवी अग्रवाल, स्वास्थ्य पर डॉ. मानसी गुलाटी, सुरक्षा पर रचना नायडू तथा स्वावलंबन पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी, जिससे आयोजन में नेतृत्व और जागरूकता का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ।
