मास्टर ट्रेनर शिवकुमार बंजारे को मिला कर्तव्यनिष्ठा का सम्मान
पण्डरिया- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और ‘निपुण भारत मिशन’ के सफल क्रियान्वयन की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण दायित्व निर्वहन के फलस्वरूप विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड स्रोत समन्वयक कार्यालय पंडरिया द्वारा शास. प्राथ. शाला केशलीगोड़ान के प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे मास्टर ट्रेनर्स को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
जिन्होंने प्राथमिक स्तर की शिक्षा में गुणवत्ता लाने और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं। बीईओ एम. के. गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि शिवकुमार बंजारे ने समाज में आजीवन सीखने की समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिक्षा की नींव को मजबूत करने में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मास्टर ट्रेनर्स न केवल ज्ञान साझा करते हैं, बल्कि शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिसमें प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र कक्षा पहली से तीसरी तक के बच्चों के लिए मौखिक भाषा विकास, डिकोडिंग, चार ब्लॉक मॉडल और पिरामिड तकनीक रही। साथ ही, बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हमारे आसपास की दुनिया, कला और योग जैसे रचनात्मक विषयों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को आनंददायी बनाने पर जोर दिया गया। विकास खण्ड स्रोत समन्वयक राममुरारी यादव ने भी मास्टर ट्रेनर्स को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके योगदान की प्रशंसा की।
इस अवसर पर विकास खंड स्रोत समन्वयक राममुरारी यादव, एबीईओ अवनीश कुमार जायसवाल, एबीईओ कैलाश साहू, एबीईओ रामचन्द्र साहू, खंड परियोजना अधिकारी शत्रुघ्न प्रसाद डड़सेना, बीआरपी विनोद गोस्वामी, संजय सोनी एवं 38 संकुल के समन्वयकों की गरिमामय उपस्थिति में राज्यपाल रमेन डेका के करकमलों से विमोचित *गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड* में दर्ज कृति साझा काव्य संग्रह “एक पेड़ मां के नाम” (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर आधारित), राज्यपाल रमेन डेका के हाथों विमोचित “वर्ल्ड आडियो बुक” तथा “दिव्यागता: आशा और अवसर” उप मुख्यमंत्री अरुण साव के हाथों विमोचित पुस्तकों की प्रतियां विकास खंड शिक्षा अधिकारी एम. के. गुप्ता को भेंट किया जिसमें शिवकुमार बंजारे ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
