मां परमेश्वरी महोत्सव व प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए मंत्री व विधायक, समाज में शिक्षा व एकता पर दिया जोर
रिसाली। गत दिवस रिसाली के प्रगति नगर स्थित परमेश्वरी भवन में देवांगन जनकल्याण समिति द्वारा मां परमेश्वरी महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन और दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण व अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।इस अवसर पर अतिथियों ने देवांगन समाज की इष्ट देवी मां परमेश्वरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज व क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान समाज के उत्कृष्ट विद्यार्थियों, प्रतिभाशाली युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही समाज की सामाजिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया।अपने संबोधन में मंत्री लखन देवांगन ने कहा कि देवांगन समाज के उत्थान के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज से ही देश का विकास संभव है और समाज में एकता के साथ सभी वर्गों को साथ लेकर चलना आवश्यक है। उन्होंने रूढ़िवादी सोच और परंपराओं को त्यागकर प्रगतिशील विचारों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने तथा युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।वहीं विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि देवांगन समाज मेहनती और कर्मठ समाज के रूप में जाना जाता है तथा छत्तीसगढ़ के निर्माण और विकास में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान बुनकरों के हित में कर्ज माफी और विभिन्न योजनाएं चलाई गई थीं तथा वर्तमान सरकार भी योजनाओं को निचले स्तर तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने समाज के युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, अध्यक्ष रामानंद देवांगन, तुलसी साहू, सचिव सोहनलाल देवांगन, कोषाध्यक्ष रेशम देवांगन, डॉ. मनीष, डॉ. सूर्य मंगल, राजेश देवांगन, शंकर देवांगन, भूषण देवांगन, महिला अध्यक्ष कल्पना देवांगन, महेंद्र देवांगन, चंद्रकुमार देवांगन, राजेंद्र लिमजे, पार्षद मनीष यादव, पार्षद धर्मेंद्र भगत, अजीत चौधरी सहित देवांगन समाज के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, शिक्षा और सामाजिक विकास के संकल्प के साथ किया गया।
