मनरेगा : युक्तधारा पोर्टल से 300 ग्राम पंचायतों की लेबर बजट कार्ययोजना तैयार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2278 से अधिक कार्यों की बनी व्यापक योजना
दुर्ग।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत निर्माण कार्यों की योजना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में दुर्ग जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की 300 ग्राम पंचायतों की लेबर बजट कार्ययोजना युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक तैयार कर ली गई है। इसके अंतर्गत 2278 से अधिक कार्यों की विस्तृत योजना बनाई गई है।कार्ययोजना निर्माण में वॉटर बजटिंग को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत गांवों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। वहीं शेष ग्राम पंचायतों में भी कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया सतत रूप से जारी है।
युक्तधारा पोर्टल के डेमो मॉडल के रूप में जिले की तीन ग्राम पंचायतों—जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत जामगांव आर, जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत फुंडा तथा जनपद पंचायत दुर्ग की ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई—में कुल 38 कार्यों को शामिल किया गया है, जिनका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।मनरेगा के अंतर्गत योजनाओं के निर्माण, परिसंपत्ति विकास एवं निगरानी में युक्तधारा पोर्टल एक सशक्त तकनीकी सहयोगी के रूप में सामने आया है। इस पोर्टल के माध्यम से योजना निर्माण, जियो-टैगिंग, डेटा संकलन, डिजिटल दस्तावेजीकरण एवं पारदर्शिता को नई दिशा मिली है।
भू-स्थानिक डेटा आधारित इस अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म से ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन से लेकर निगरानी तक की प्रक्रिया अधिक सटीक एवं पारदर्शी हो गई है।इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि युक्तधारा पोर्टल योजनाओं में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आदर्श एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने हेतु इस तकनीकी प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए, जिससे ग्रामीण हितग्राहियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
उल्लेखनीय है कि युक्तधारा पोर्टल मनरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर कार्ययोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन हेतु विकसित एक भू-स्थानिक नियोजन प्लेटफॉर्म है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। यह पोर्टल रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस तकनीक के माध्यम से परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग करता है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता, दक्षता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित होगा तथा कार्यों में दोहराव एवं अनियमितताओं की संभावनाएं न्यूनतम होंगी।
