कर्मचारी आंदोलन के दूसरे दिन भी ठप रहा कार्यालयीन काम, अंतिम दिन रैली निकालकर सौंपा जाएगा 11 सूत्रीय ज्ञापन
दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर जारी आंदोलन के तहत द्वितीय दिवस भी जिले में कार्यालयीन कार्य पूरी तरह ठप रहा। बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय बंद कर धरना स्थल पर उपस्थित हुए और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।जिला संयोजक विजय लहरे एवं संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी ने बताया कि मोदी की गारंटी पूरी नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि जब तक मांगो ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी ने विशेष रूप से अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उठाई।सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश पेंशनर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री बी.के. वर्मा ने पेंशनरों की समस्याओं को रखते हुए कहा कि विधायक-सांसद एक बार चुने जाने पर पेंशन का लाभ लेते हैं, तो वर्षों सेवा देने वाले पेंशनरों को भी उनका हक मिलना चाहिए।पूर्व विधायक श्री अरुण बोरा ने कर्मचारियों के आंदोलन को जायज बताते हुए कहा कि सरकार को अपनी घोषित गारंटियों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र पूरा करना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन में कोष-लेखा, प्रशिक्षण सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।महासचिव अनुरूप साहू ने बताया कि आंदोलन के अंतिम दिन कल कर्मचारियों द्वारा 12:30 से 1:00 बजे के बीच रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।इस अवसर पर भानु प्रताप यादव, जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ-दुर्ग ने कर्मचारियों की जायज मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की।
कार्यक्रम में शिवदयाल धृतलहरे, मोतीराम खिलाड़ी, कचरा बाई, पुष्पलता धृतलहरे, कांति कोशले, निर्मला रात्रे, ललित बिजौरा, चंचल द्विवेदी, महेंद्र साहू, सुरेश साहू, धर्मेंद्र देशमुख, गौरी शंकर रावण, अशोक कनेरिया सहित हजारों की संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
