प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) ने बदली दीक्षा सोनी की ज़िंदगी

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) ने बदली दीक्षा सोनी की ज़िंदगी

दुर्ग, 15 जनवरी। नगर पालिक निगम।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) आज जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बनती जा रही है। नगर पालिक निगम दुर्ग के वार्ड क्रमांक 56, आमा पारा, बघेरा निवासी दीक्षा सोनी की जीवन यात्रा इस योजना की सफलता की एक प्रेरणा दायी मिसाल है।

साधारण आर्थिक स्थिति वाले परिवार से ताल्लुक रखने वाली दीक्षा सोनी का जीवन लंबे समय तक संघर्षों से भरा रहा। ज्वेलर्स के कार्य पर निर्भर परिवार की सीमित आय के कारण वे वर्षों तक किराये के छोटे से मकान में रहने को मजबूर थीं। हर माह किराया चुकाने की चिंता, मकान मालिक की शर्तें और अस्थायी जीवन की मजबूरी ने उनके मन में असुरक्षा की भावना बनाए रखी। त्योहार हों या बरसात का मौसम, एक ही सवाल उन्हें कचोटता रहता था—कब होगा हमारा भी अपना घर?

किराये के मकान में रहते हुए बच्चों का भविष्य, परिवार की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की कल्पना करना भी कठिन हो जाता था। कई बार हालात इतने चुनौतीपूर्ण हो जाते थे कि अपने घर का सपना अधूरा ही लगता था, लेकिन दीक्षा सोनी ने कभी हिम्मत नहीं हारी। इसी संघर्ष के दौर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) उनके जीवन में आशा की किरण बनकर आई।योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने विश्वास के साथ आवेदन किया। शासन एवं नगर पालिक निगम के सहयोग से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।

वर्ष 2025-26 में जब उनके स्वयं के पक्के घर का निर्माण पूर्ण हुआ, तो वह क्षण उनके जीवन का सबसे भावुक और अविस्मरणीय पल बन गया। अपने घर की दहलीज पर पहला कदम रखते ही वर्षों की पीड़ा, संघर्ष और असुरक्षा आँसुओं में बदल गई।आज दीक्षा सोनी अपने परिवार के साथ एक सुरक्षित, स्वच्छ और स्थायी आवास में खुशहाल जीवन जी रही हैं। अब न किराये की चिंता है और न भविष्य को लेकर भय।

उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और जीवन में स्थिरता आई है।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) ने दीक्षा सोनी को केवल एक घर नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव दी है। यह योजना वास्तव में उन लाखों परिवारों के सपनों को साकार कर रही है, जो वर्षों से अपने घर की प्रतीक्षा कर रहे थे—प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0): जहाँ सपनों को मिलता है अपना ठिकाना।

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