1 अप्रैल से सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागू, रिचार्ज खत्म होते ही कटेगी बिजली
दुर्ग जिले के सरकारी कार्यालयों में अब बिजली बिल भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। 1 अप्रैल से सभी सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और केंद्रीय कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिए ही बिजली बिलिंग की जाएगी।
इसका मतलब साफ है—जैसे ही रिचार्ज खत्म होगा, बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी। सरकार के निर्देश पर बिजली वितरण कंपनी ने जिले में बड़े पैमाने पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर इंस्टॉल कर दिए हैं। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में कुल 2972 सरकारी बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से सभी पर अब प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं।
इनमें ईस्ट डिवीजन: 987 कनेक्शन
वेस्ट डिवीजन: 894 कनेक्शन
दुर्ग डिवीजन: 1091 कनेक्शन शामिल हैं।
226.56 करोड़ का बकाया, अब नहीं चलेगी ढिलाई जिले के सरकारी विभागों पर वर्तमान में बिजली कंपनी का 226.56 करोड़ रुपए बकाया है। अब तक बिजली कंपनी सार्वजनिक सेवा के चलते कनेक्शन काटने से बचती रही, लेकिन प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद यह संभव नहीं होगा।
केंद्र के निर्देश पर लागू हुई व्यवस्था केंद्र सरकार ने पहले ही निर्देश जारी कर दिया था कि प्रीपेड मीटरिंग की शुरुआत सरकारी संस्थानों से की जाए। इसी के तहत दुर्ग जिले में इस व्यवस्था को तेजी से लागू किया गया है।
घरेलू उपभोक्ताओं में भी तेजी जिले में घरेलू उपभोक्ताओं के यहां भी लगभग 73% प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे आने वाले समय में पूरी व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी होने की उम्मीद है। फंड की कमी बनेगी चुनौती कई सरकारी विभागों को लंबे समय से बिजली बिल भुगतान के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में प्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद समय पर रिचार्ज करना इन विभागों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
:प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था से अब सरकारी विभागों को भी समय पर बिजली बिल चुकाना अनिवार्य होगा। इससे बिजली कंपनियों की बकाया राशि में कमी आएगी और बिजली व्यवस्था अधिक अनुशासित व पारदर्शी बनेगी।
