कांकेर में राशन घोटाला: 6 करोड़ का खराब चावल गरीबों की थाली तक, अफसरों पर मिलीभगत के आरोप
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। आरोप है कि राशन दुकानदारों ने अपनी पिछली गड़बड़ियों को छिपाने के लिए खुले बाजार से करीब 6 करोड़ रुपए का खराब और घटिया चावल खरीदकर सरकारी कोटे में जमा कर दिया, जिसे बिना जांच के गरीब जनता में बांट भी दिया गया। इस मामले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बकाया चावल जमा करने के दबाव में हुआ बड़ा गोलमाल सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2023-24 के राशन बचत घोटाले से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान कई दुकानों में सरकारी स्टॉक कम पाया गया। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी—समय पर चावल जमा नहीं करने पर एफआईआर की धमकी दी गई।
कार्रवाई से बचने के लिए 160 से अधिक राशन दुकानदारों ने आनन-फानन में बाजार से सस्ता, निम्न गुणवत्ता और कई जगहों पर सड़ा हुआ चावल खरीदकर सरकारी गोदामों में जमा कर दिया। अकेले एक दुकान ने खरीदा 30 लाख का चावल नरहरपुर की एक दुकान ने बाजार से लगभग 30 लाख रुपए का चावल खरीदा 10 से अधिक दुकानों ने 8 से 10 लाख रुपए तक का चावल जमा कराया ।
कई दुकानों ने सैकड़ों क्विंटल चावल सरकारी स्टॉक में दिखाया सूची के अनुसार
नरहरपुर 602002016,
अमोड़ा 602002038,
सरंगपाल 602001013,
हाट कोगेरा 602001020
उमरादा 602002030,
मालगांव 602002058,
डेवडोंगर 602002008, चवाड, चोरियां सहित कई स्थानों में भारी मात्रा में चावल जमा किया गया।
नियमों को ठेंगा, फोर्टिफाइड चावल का भी उल्लंघननियमों के अनुसार: केवल नागरिक आपूर्ति निगम ही फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से युक्त) चावल सप्लाई कर सकता है दुकानदार बाजार से चावल नहीं खरीद सकते लेकिन इस मामले में: गुणवत्ता जांच नहीं हुई फोर्टिफिकेशन का कोई प्रमाण नहीं खरीद का कोई बिल नहीं ट्रांसपोर्ट और स्टॉक का कोई रिकॉर्ड नहीं गोदामों में प्रवेश का पंचनामा तक नहीं इसके बावजूद अफसरों ने इस “अनाम चावल” को मंजूरी दे दी।
गरीबों की थाली तक पहुंचा सड़ा चावलसबसे गंभीर बात यह सामने आई कि इस खराब चावल को बाद में राशन दुकानों के जरिए जनता में बांट भी दिया गया। इससे लाखों परिवार प्रभावित होने की आशंका है।
RTI से खुलासा, अफसरों पर मिलीभगत का शक सामाजिक संगठन ‘हमर संगवारी’ के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है।आरटीआई के जरिए मिली जानकारी में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। अब जांच शुरू, बड़ी कार्रवाई की उम्मीद खाद्य संचालनालय और नागरिक आपूर्ति निगम ने जांच शुरू कर दी है।प्रशासन का कहना है कि: दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच में शामिल है जनता में भारी आक्रोश इस पूरे मामले ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह घोटाला राज्य स्तर का बड़ा भ्रष्टाचार कांड बन सकता है।
