प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराकर सुनीता धनकर बनीं लखपति दीदी
दुर्ग।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत अछोली की जय मां वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती सुनीता धनकर ने सामान्य गृहणी से सफल उद्यमी बनकर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
वर्ष 2017 में गठित जय मां वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह में कुल 10 सदस्य हैं। समूह की अध्यक्ष श्रीमती मधु यादव एवं सचिव श्रीमती रूपाली वर्मा हैं। समूह द्वारा सेंट्रिंग प्लेट (ठेकेदारी) का कार्य संचालित किया जा रहा है, जिससे समूह को लगभग ₹10,000 प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है। समूह को आर.एफ., सीआईएफ एवं बैंक ऋण की सुविधाएं भी प्राप्त हुई हैं।लखपति दीदी श्रीमती सुनीता धनकर ने समूह से जुड़ने के पश्चात ग्राम संगठन से ₹1.00 लाख का ऋण लेकर सेंट्रिंग प्लेट/ठेकेदारी कार्य प्रारंभ किया।
समय पर मूलधन एवं ब्याज की अदायगी के पश्चात उन्हें पुनः ₹50,000 की सहायता प्राप्त हुई, जिससे उनके व्यवसाय का विस्तार हुआ। वर्तमान में वे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराकर, कृषि, मजदूरी एवं ठेकेदारी कार्य से वार्षिक लगभग ₹1.70 लाख की आय अर्जित कर रही हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से स्व सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं बाजार से जोड़कर महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जय मां वैभव लक्ष्मी स्व सहायता समूह की सदस्य श्रीमती सुनीता धनकर इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने सेंट्रिंग प्लेट जैसे कार्य से न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।आज श्रीमती सुनीता धनकर आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं सम्मानजनक आजीविका प्रदान कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
