छात्रा से छेड़छाड़ के दोषी कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को एक वर्ष की सजा अदालत का सख्त फैसला, शिक्षण संस्थानों को कड़ा संदेश

छात्रा से छेड़छाड़ के दोषी कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को एक वर्ष की सजाअदालत का सख्त फैसला, शिक्षण संस्थानों को कड़ा संदेश

बलरामपुर।शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर प्रधान एवं जिला सत्र न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। रामानुजगंज स्थित लरंग साय पीजी कॉलेज की छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने एक वर्ष के कारावास एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार को सुनाया गया।प्रकरण का विवरणलोक अभियोजक अशोक गुप्ता ने बताया कि आरोपी राम भजन सोनवानी घटना के समय लरंग साय पीजी कॉलेज, रामानुजगंज में प्रभारी प्राचार्य के पद पर पदस्थ था।

घटना 12 अगस्त 2024 की है, जब कॉलेज की एक छात्रा अपनी सहेली के साथ एक आवेदन पर हस्ताक्षर कराने प्रभारी प्राचार्य के कक्ष में गई थी।इसी दौरान आरोपी ने छात्रा के साथ आपत्तिजनक इशारे किए और उससे कहा कि यदि वह कमरे में आएगी, तभी उसका काम किया जाएगा। इस अमर्यादित व्यवहार से आहत छात्रा ने तत्काल इसका विरोध किया और बाद में थाने में शिकायत दर्ज कराई।पुलिस जांच और न्यायालयीन कार्रवाईशिकायत के आधार पर रामानुजगंज थाना में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(3) एवं 79 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध किए। सुनवाई पूर्ण होने के पश्चात न्यायालय ने आरोपी को दोनों धाराओं में दोषी ठहराया।अदालत का निर्णयन्यायालय के आदेश के अनुसार—बीएनएस की धारा 75(3) के तहत आरोपी को 6 माह का कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड,बीएनएस की धारा 79 के तहत 1 वर्ष का कारावास एवं 25 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

नजीर बना फैसलायह निर्णय शिक्षण परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण नजीर के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पद, प्रभाव या जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का अमर्यादित व्यवहार करने वालों को कानून कठोर दंड देगा।

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