कर्रेगुट्टा हिल्स पर इतिहास रचा गया आज़ादी के बाद पहली बार दुर्गम पहाड़ियों पर लहराया तिरंगा
बीजापुर।दक्षिण बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाके में आज वह दृश्य देखने को मिला, जो वर्षों तक सिर्फ एक सपना था। कर्रेगुट्टा हिल्स की दुर्गम पहाड़ियों पर आज़ादी के बाद पहली बार तिरंगा शान से फहराया गया। यह ऐतिहासिक क्षण ताड़पाला कैम्प में तैनात सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन और कोबरा की 204वीं बटालियन के जांबाज़ जवानों ने साकार किया।खास बात यह रही कि कल ही कर्रेगुट्टा पहाड़ पर हुए IED ब्लास्ट में 10 जवान घायल हुए, लेकिन न तो जवानों का हौसला डिगा और न ही देशभक्ति का जज़्बा कमज़ोर पड़ा।
चोटों के बावजूद जवानों ने नक्सलियों के क़िले माने जाने वाले इलाके में तिरंगा फहराकर साफ संदेश दिया—भारत की हिम्मत को धमाकों से नहीं तोड़ा जा सकता।गणतंत्र दिवस के मौके पर दक्षिण बस्तर के जंगलों में देशभक्ति का उत्सव मनाया गया। जहां कभी नक्सली फरमान चलते थे, वहां आज भारत माता की जय और जन गण मन की गूंज सुनाई दी।
यह सिर्फ एक ध्वजारोहण नहीं, बल्कि डर पर साहस की जीत हिंसा पर संविधान की विजय नक्सलवाद पर राष्ट्रवाद की सबसे बुलंद घोषणा कर्रेगुट्टा हिल्स से उठता यह तिरंगा आज पूरे देश को गर्व से भर रहा है।
