दुर्ग की सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा और गड्ढों से बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा -मुकेश साहू
दुर्ग। शहर की सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क पर गाय-बैलों के बैठने और घूमने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, शहर की बदहाल सड़कें और जगह-जगह बने गड्ढे नागरिकों की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।दुर्ग जिला शहर कांग्रेस महामंत्री मुकेश साहू ने कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में गौठान योजना के माध्यम से मवेशियों के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराए गए थे।
इससे सड़कों पर मवेशियों के विचरण की समस्या में कमी आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार द्वारा गौठान योजना को बंद किए जाने के बाद एक बार फिर मवेशियों का सड़कों पर जमावड़ा बढ़ गया है।मुकेश साहू ने कहा कि सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्ग नगर निगम प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान करने में विफल रहा है और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा के लिए मवेशियों को सड़कों से हटाने के साथ-साथ उनके लिए स्थायी एवं सुरक्षित व्यवस्था करना आवश्यक है। बंद की गई गौठान व्यवस्था को पुनः प्रभावी रूप से लागू करने अथवा उसका ठोस विकल्प तैयार करने की जरूरत है।*गड्ढों में तब्दील हुईं शहर की सड़कें*मुकेश साहू ने कहा कि दुर्ग शहर की अधिकांश सड़कों की स्थिति भी बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों की बदहाली के लिए महापौर एवं नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार की उदासीनता जिम्मेदार है। नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पुरानी और क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत भी आवश्यक है। उन्होंने सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से होने वाले कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मुकेश साहू ने मांग की कि महापौर एवं नगर निगम तत्काल शहर की प्रमुख सड़कों का सर्वे कराकर गड्ढों की मरम्मत, क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण और सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करे।उन्होंने कहा कि दुर्ग की जनता को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना नगर निगम एवं राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रशासन को खानापूर्ति से आगे बढ़कर मवेशियों और बदहाल सड़कों की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
