सूकर पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा में
कुलपति डॉ.आर.आर.बी.सिंह के मार्गदर्शन, अधिष्ठाता डॉ.सुशान्त पाल एवं निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. मनोज गेंदले के कुशल नेतृत्व में 15 से 17 जुलाई 2026 तक 03 दिवसीय “सूकर पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास“ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक शिक्षण डॉ.मंजू रॉय, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.दुर्गा चौरसिया, निदेशक पंचगव्य/ बायोटेक्नोलॉजी डॉ.मीनू दुबे, विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ.दिलीप चौधरी, डॉ.डी.के.जोल्हे, डॉ.दीप्ति किरण बरवा, डॉ.भानु, प्राध्यापकगणों एवं 70 प्रशिक्षणार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

अधिष्ठाता एवं प्रभारी कुलपति ने वैज्ञानिक सूकर पालन को आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम बताते हुए बेहतर नस्लों के चयन, संतुलित पोषण एवं समय-समय पर टीकाकरण कराने पर बल दिया। प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों द्वारा दी जाने वाली जानकारी का नोट्स बनाए जो पशुपालन में मददगार सिद्व होंगे। निदेशक शिक्षण डॉ.मंजू रॉय ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से सूकर पालन की वैज्ञानिक विधियॉ, उचित व्यस्थापन, प्रबंधन, रोग नियंत्रण एवं उद्यमिता विकास से संबंधित व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जावेगी, जिससे वे सूकर पालन को लाभप्रद स्वरोजगार के रूप में विकसित कर सकें।
सहा.प्राध्यापक एवं प्रभारी प्रशिक्षण डॉ.रामचन्द्र रामटेके ने बताया कि इस प्रशिक्षण में उड़ीसा, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के 70 प्रशिक्षणार्थियों ने अपना पंजीयन कराया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों, युवाओं, पशुपालकों एवं उद्यमियों को आधुनिक सूकर पालन में वैज्ञानिक प्रबंधन, रोग नियंत्रण, पोषण, प्रजनन, पारंपरिक, प्राथमिक चिकित्सा, प्रगति शील किसान के साथ इंटरेक्शन, सूकर पालन की विभिन्न योजनाओं, बैंक लोन प्रोसेस की जानकारी एवं सूकर फार्म, विभिन्न फार्म, चारा उत्पादन ईकाई की जानकारी एवं स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ.वंदना भगत एवं डॉ.शबीर अनंत द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
