विधानसभा में गूंजा यूनिक्योर दवा खरीद घोटाले का मामला, सरकार ने रद्द किए खरीद आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड से एस्पिरिन दवा की खरीद का मामला जोरदार ढंग से उठा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अनुपस्थिति में विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार से दवा खरीदी और गुणवत्ता को लेकर सवाल पूछे।स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में स्वीकार किया कि गुजरात में यूनिक्योर इंडिया लिमिटेड की कुछ एस्पिरिन दवाओं को ब्लैकलिस्ट किया गया था।
उन्होंने बताया कि 25 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) को इसकी जानकारी मिली थी।मंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में गुजरात में ब्लैकलिस्ट हुई दवा की खरीद नहीं की गई। राज्य के लिए जारी ऑर्डर अलग श्रेणी की एस्पिरिन 75 mg (अनकोटेड) टैबलेट का था। इसके बावजूद जनहित को देखते हुए सरकार ने यूनिक्योर की एस्पिरिन 75 mg (अनकोटेड) के सभी खरीद आदेश रद्द कर दिए और कंपनी के साथ किया गया दर अनुबंध (Rate Contract) भी निरस्त कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता संबंधी सूचना मिलते ही सरकार ने एहतियातन त्वरित कार्रवाई की ताकि मरीजों के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का जोखिम न हो।वहीं, विपक्ष ने दवा खरीद प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और जिम्मेदारी तय करने के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पूरे मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
विधानसभा में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
