छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को सौंपा 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
, कैशलेस चिकित्सा व लंबित एरियर्स सहित त्वरित समाधान की मांग
कवर्धा, 12 दिसंबर।छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन जिला कबीरधाम ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कवर्धा आगमन पर उन्हें “मोदी की गारंटी” अंतर्गत 11 सूत्रीय मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन ने मांगों के निराकरण में हो रही देरी पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग 5 लाख कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।फेडरेशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें शामिल हैं—
🔹 कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का त्वरित क्रियान्वयन
🔹 केंद्र के समान देय तिथि से कर्मचारियों व पेंशनरों को महंगाई भत्ता (DA) व राहत (DR) दिए जाने की मांग
🔹 वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि GPF में समायोजित करने की मांग
🔹 पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने व विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग
🔹 चार स्तरीय समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 32 वर्ष) लागू करने की मांग
🔹 सहायक शिक्षकों व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने की मांग
🔹 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त कर अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने का आग्रह
🔹 अर्जित अवकाश नगदीकरण सीमा को 300 दिवस करने की मांग
🔹 पंचायत सचिवों का शासकीयकरण और प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ प्रदाय
🔹 सभी विभागों में सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने का प्रस्ताव
🔹 दैनिक वेतनभोगी, अनियमित, संविदा व कार्यभारित कर्मचारियों को नियमित करने की मांग ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के संरक्षक श्री प्रताप चंद्रवंशी, जिला संयोजक श्री अर्जुन चंद्रवंशी, सह–संयोजक श्री सतीश चंद्राकर, भावेश शर्मा, अविनाश कौशिक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।इसके अलावा छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री दीपक ठाकुर भी उपस्थित रहे और मांगों के समर्थन में अपना सहयोग दिया।फेडरेशन ने आशा व्यक्त की है कि मुख्यमंत्री इन 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत प्रदान करेंगे।
