मैनपाट महोत्सव से सरगुजा की संस्कृति को नई पहचानविष्णु देव साय ने किया भव्य शुभारंभ, 523 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
रायपुर/मैनपाट, 13 फरवरी 2026।सरगुजा की वादियों में आज उल्लास, संस्कृति और विकास का संगम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा जिले को 523 करोड़ 20 लाख 53 हजार रुपए की लागत के 109 विकास कार्यों की सौगात दी, जिससे पूरे क्षेत्र में विकास की नई लहर दौड़ गई।
पर्यटन को बढ़ावा: 1 करोड़ की घोषणामुख्यमंत्री ने मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। साथ ही सीतापुर में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड निर्माण की भी घोषणा कर क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव सरगुजा की समृद्ध संस्कृति और अस्मिता को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। स्थानीय और बाहरी कलाकारों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।523 करोड़ से अधिक के विकास कार्यमहोत्सव के दौरान कुल 109 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया,
जिनमें—429 करोड़ 11 लाख 40 हजार रुपए की लागत के 81 कार्यों का भूमिपूजन94 करोड़ 09 लाख 13 हजार रुपए की लागत के 28 कार्यों का लोकार्पणइन परियोजनाओं से जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदममुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प पर कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर माह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के जवानों के साहस को नमन करते हुए कहा कि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हो रही है।तिब्बती संस्कृति की झलककार्यक्रम में तिब्बती समुदाय द्वारा पारंपरिक “ताशी शोपा” नृत्य से मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को जनकल्याणकारी योजनाओं की सामग्री वितरित की।पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मैनपाट जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल पर पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।विधायक राम कुमार टोप्पो और प्रबोध मिंज ने भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार का आभार जताया।
संस्कृति, पर्यटन और विकास का संगममैनपाट महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि सरगुजा की सांस्कृतिक पहचान, पर्यटन संभावनाओं और विकास की नई दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है।
आने वाले दिनों में यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
