धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण: टोकन नहीं मिलने से किसान परेशान, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने जताई नाराज़गी
दुर्ग।धान खरीदी की अव्यवस्थित व्यवस्था को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानियों का जायजा लेने सोमवार को प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने ग्राम गनियारी एवं नगपुरा स्थित धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाया।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि उन्हें समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है, जिससे धान विक्रय में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान महीनों से टोकन का इंतजार कर रहे हैं। इस पर पूर्व मंत्री साहू ने कहा कि धान खरीदी की आधी-अधूरी व्यवस्था के कारण 31 जनवरी तक किसानों का एक-एक दाना धान खरीदे जाने का सरकारी दावा पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में किसान धान विक्रय के दौरान अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं है।
किसानों को न तो समय पर खरीदी का लाभ मिल रहा है और न ही उचित मूल्य। तौल में गड़बड़ी की शिकायतों को भी उन्होंने गंभीर बताया।गनियारी निवासी एक किसान ने बताया कि उसके पास लगभग 50 क्विंटल धान उपलब्ध है, लेकिन उसे केवल 15 क्विंटल धान बेचने का ही टोकन दिया गया। इस पर साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों का दाना-दाना धान खरीदा जाता था।
उन्होंने धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि लिमिट कम होने के कारण किसान अपनी पूरी उपज नहीं बेच पा रहे हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।धान मिलिंग को लेकर राइस मिलरों की असमर्थतापूर्व मंत्री साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय धान मिलिंग के लिए राइस मिलरों को 120 रुपये प्रति क्विंटल दिया जाता था, जिसके चलते प्रदेश में लगभग 700 नई राइस मिलें खुली थीं। वर्तमान सरकार द्वारा मिलिंग दर को घटाकर 60 रुपये प्रति क्विंटल कर दिए जाने से राइस मिलर हड़ताल पर चले गए हैं।
परिणामस्वरूप सोसायटियों में धान का भारी जाम लगा हुआ है और कई जिलों में राइस मिलर एसोसिएशन ने मिलिंग करने में असमर्थता जताई है।टोकन व्यवस्था और भुगतान पर सवालपूर्व गृहमंत्री साहू ने कहा कि वर्तमान में कई समितियों में 31 जनवरी तक टोकन कट चुका है, जबकि प्रत्येक समिति में 200 से अधिक किसानों को अब तक टोकन नहीं मिला है। ऑनलाइन टोकन सिस्टम के कारण किसानों को महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।उन्होंने मांग की कि इस वर्ष धान की खरीदी 3217 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाए।
भाजपा ने चुनावी वादे में 3100 रुपये देने की बात कही थी, वहीं केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य में 117 रुपये की बढ़ोतरी की है। कांग्रेस सरकार के समय भी समर्थन मूल्य बढ़ने पर किसानों को उसका लाभ दिया गया था।साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा एकमुश्त भुगतान का वादा किया गया था, लेकिन वर्तमान में केवल 2300 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही बारदाना का मानक वजन 640 ग्राम बताया जा रहा है, जबकि मौके पर बोरे का वजन मात्र 540 ग्राम पाया गया।
अमानक बोरे के कारण किसानों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।निरीक्षण के दौरान रहे उपस्थित इस अवसर पर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ हस्तशिल्प कला बोर्ड के अध्यक्ष नंद कुमार सेन, पूर्व अध्यक्ष सरपंच संघ रिवेन्द्र यादव, जनपद सदस्य मिलनतिन ठाकुर, राजेन्द्र ठाकुर, प्रदेश सचिव किसान कांग्रेस कृष्णा देवांगन, मुकुंद पारकार, रोहित साहू, रविंद्र सिन्हा, कैलाश सिन्हा, परमानंद साहू, सरपंच प्रतिनिधि कुलेश्वर साहू, लालजी गुप्ता, रिझझन ठाकुर, बंशी देवांगन, ताम्रज सिन्हा, पूर्व सरपंच टेकराम देशमुख, भीषम धनकर, नंद देशमुख, सुरेश सिन्हा, संदीप जैन सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
