अंतरराष्ट्रीय विद्वत् मंच पर गूंजेगी भारतीय ज्ञान परंपरा — मैत्रेयी महाविद्यालय में भव्य सम्मेलन
नई दिल्ली / दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध मैत्रेयी महाविद्यालय एक बार फिर वैश्विक अकादमिक मंच का केंद्र बनने जा रहा है। विदुषी अरुन्धती भारतीय ज्ञान परम्परा केन्द्र के तत्वावधान में 15 से 17 अप्रैल 2026 तक “भारतीय ज्ञान प्रणाली : अंतर्विषयक दृष्टिकोण” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड साइंसेज़ (अमेरिका) और काउंसिल ऑफ इंडिक स्टडीज़ एंड रिसर्च का विशेष सहयोग रहेगा। देश-विदेश से विद्वानों की उत्साहजनक भागीदारी ने सम्मेलन को पहले ही चर्चा का विषय बना दिया है।
200+ शोधपत्रों से सजेगा वैश्विक मंच
सम्मेलन के दौरान 12 से अधिक शैक्षणिक सत्र आयोजित होंगे, जिनमें 200 से अधिक शोधपत्रों का मौखिक वाचन और पोस्टर प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत और मराठी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्राप्त शोधपत्र भारतीय ज्ञान परंपरा की बहुभाषिक और समावेशी प्रकृति को दर्शाते हैं।
दिग्गज विद्वानों की होगी गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन और समापन सत्रों में कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी, जिनमें प्रमुख हैं—अखिलेश मिश्र (पूर्व राजदूत, आयरलैंड)
प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी
प्रो. सच्चिदानन्द मिश्र
प्रो. बलराम सिंह
प्रो. सत्यपाल सिंह
डॉ. कृष्ण मोहन पाण्डेय
परंपरा और आधुनिकता का संगमसम्मेलन में दर्शन, विज्ञान, समाज, राजनीति, आयुर्वेद, पर्यावरण, गणित और शिक्षा जैसे विविध विषयों पर गहन विमर्श होगा। यह आयोजन पारंपरिक भारतीय ज्ञान और आधुनिक वैश्विक दृष्टिकोण के बीच सेतु बनाने का प्रयास करेगा।
नई शिक्षा नीति को मिलेगा बलयह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्यापकों को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मंच प्रदान करेगा।
हाइब्रिड मोड में आयोजनप्राचार्या प्रो. हरित्मा चोपड़ा के संरक्षण और उप-प्राचार्या प्रो. ज्योति सिंह के संयोजन में आयोजित यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में होगा—ऑफलाइन सत्र महाविद्यालय परिसर में तथा ऑनलाइन सत्र ज़ूम के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन सचिव डॉ. प्रमोद कुमार सिंह और सह-सचिव डॉ. तेजेन्द्र कुमार के कुशल नेतृत्व में यह आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होगा।
