ई-केवाईसी बना मुसीबत: महतारी वंदन योजना पर कांग्रेस का हमला, महिलाओं की परेशानी पर उठे सवाल
दुर्ग। छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। ई-केवाईसी की अनिवार्यता को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शहर जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री मुकेश साहू ने कहा है कि योजना के नाम पर महिलाओं को राहत देने के बजाय उन्हें परेशान किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया ने प्रदेशभर की महिलाओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पंचायत भवनों और वार्ड कार्यालयों में लंबी कतारें आम हो गई हैं, वहीं सर्वर बार-बार ठप होने से महिलाएं घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौटने को मजबूर हैं।मुकेश साहू ने कहा कि सरकार ने बड़े वादों के साथ योजना शुरू की थी, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर साबित हो रही हैं। उनके मुताबिक, पर्याप्त संसाधन और तकनीकी तैयारी के अभाव में ई-केवाईसी को ऐसा माध्यम बना दिया गया है, जिससे कई पात्र महिलाएं योजना से बाहर हो सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को और गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी और तकनीकी सुविधाओं के अभाव के चलते महिलाओं को कई किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग, गरीब और कामकाजी महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, अतिरिक्त केंद्र खोले जाएं और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ेगी और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करेगी।
