मुख्य सचिव की बड़ी समीक्षा बैठक: योजनाओं की पारदर्शिता और डेटा मॉनिटरिंग पर जोर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर अमल की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ पहुंचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने और तकनीक आधारित सुशासन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।बैठक में शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी और स्कूल भवनों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्राथमिक स्कूलों के अतिरिक्त कमरों में आंगनबाड़ी संचालित करने को कहा गया। साथ ही समग्र शिक्षा के अंतर्गत कमरों की कमी वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।बैठक में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके अलावा स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व विभाग की परियोजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया।
बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद
